Odisha News: नाबालिगों से वेश्यावृत्ति कराता था होटल संचालक, तीन साल तक होटल बंद रखने का आदेश बरकरार
पुरी में नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने होटल मालिक की याचिका खारिज करते हुए एसडीएम के होटल बंद करने के आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि बच्चों को अच्छी नींव से वंचित करना मानवता के खिलाफ अपराध है। कोर्ट ने यह भी कहा कि नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलना समाज के लिए खतरे की घंटी है।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। पुरी में नाबालिग को वेश्यावृत्ति में शामिल किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ी सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों को जीवन की अच्छी नींव से वंचित करना मानवता के खिलाफ अपराध है।
साथ ही, पुरी उप-मंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) द्वारा होटल को तीन साल तक बंद करने के आदेश को बरकरार रखते हुए होटल मालिक की याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने इस घटना को “उद्वेगजनक” बताते हुए कहा कि नाबालिग को वेश्यावृत्ति में धकेलना समाज के लिए खतरे की घंटी है। अदालत ने साफ किया कि मजिस्ट्रेट का आदेश इमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट, 1956 की धारा 18(1) के अनुरूप है और इसमें किसी भी तरह की त्रुटि नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस एम.एस. रमण की खंडपीठ ने 27 मार्च 2025 को पुरी एसडीएम द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि
बच्चे मासूम, निर्भर और आघात-प्रवण होते हैं।उनका जीवन आनंद, शांति, खेलकूद, सीखने और आगे बढ़ने से भरा होना चाहिए।उन्हें कल का इंतजार नहीं कराया जा सकता, वे हर दिन अंकुरित होते हैं।अदालत ने यह भी कहा कि देश की महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कानून में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं।
इनका उद्देश्य अवैध मानव तस्करी पर रोक लगाना और पीड़िताओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसा कदम जरूरी है जिससे समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि महिलाओं और बच्चों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि पुरी तालबनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक होटल में देह व्यापार चलने की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान यह सामने आया कि एक नाबालिग और उसकी बहन को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर वेश्यावृत्ति में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू की थी। इस होटल को तीन वर्षों के लिए बंद करने का आदेश पुरी एडीएम ने दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए होटल को लीज पर लेने वाले व्यक्ति ने हाईकोर्ट में मामला दायर किया। सरकार की ओर से अतिरिक्त स्टैंडिंग काउंसिल संजय रथ इस मामले की पैरवी कर रहे थे।
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