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    मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी: ओडिशा में सूखे का खतरा, Super El Niño के कारण इस साल कम होगी बारिश  

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 12:40 PM (IST)

    Odisha Weather News: मौसम वैज्ञानिकों ने इस साल सुपर एल-नीनो के तेज प्रभाव की आशंका जताई है, जिससे जुलाई से मानसून कमजोर पड़ सकता है। ओडिशा में कम बार ...और पढ़ें

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    ओडिशा में सूखे का खतरा। फोटो एआई जनरेटेड

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    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। इस साल मौसम को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। मौसम वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि इस बार एल नीनो का प्रभाव काफी तेज हो सकता है और स्थिति सुपर एल-नीनो तक पहुंच सकती है।

    अगर ऐसा हुआ तो जुलाई से मानसून कमजोर पड़ सकता है, बारिश कम हो सकती है और सूखे की स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ जाएगा। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों तक ला-नीना के प्रभाव के कारण ठंड ज्यादा रही और इसकी अवधि भी लंबी चली।

    अब ला-नीना का असर कम हो रहा है और मौसम की स्थिति न्यूट्रल चरण में पहुंच गई है, जो एल-नीनो आने का संकेत माना जाता है। वहीं मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो से तीन दिनों में तापमान में होगी 2 से 4 डिग्री सेंटीग्रेड की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

    सामान्य से कम बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मई से न्यूट्रल स्थिति कमजोर होगी और जुलाई से एल-नीनो का असर बढ़ने लगेगा। साल के अंत तक यह और मजबूत हो सकता है, जिसे सुपर एल-नीनो कहा जाता है। ऐसी स्थिति में मानसून अनियमित हो सकता है और सामान्य से कम बारिश होने की संभावना रहती है।

    वैज्ञानिकों का कहना है कि जब प्रशांत महासागर के विषुवतीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री कम होता है तो उसे ला-नीना और 0.5 डिग्री ज्यादा होने पर एल-नीनो कहा जाता है। इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ता है और भारत में अक्सर मानसून प्रभावित होता है।

    किसानों को होगा भारी नुकसान

    ओडिशा जैसे राज्यों के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि यहां करीब 60 प्रतिशत खेती बारिश पर निर्भर है। मानसून कमजोर पड़ने पर सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर पड़ेगा। धान की खेती के लिए 1000 मिमी से अधिक वर्षा जरूरी होती है, इसलिए कम बारिश होने पर ऊंची और मध्यम जमीन की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी आशंका जताई है कि एल-नीनो का असर अगले साल तक रह सकता है। 2015 में आए एल-नीनो के बाद 2016 में भी इसका असर देखने को मिला था। इस बार भी तेज गर्मी और कम बारिश की संभावना जताई जा रही है।

    अगले 2 दिन में 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा तापमान

    हालांकि कुछ राहत की उम्मीद हिंद महासागर द्विध्रुव के पॉजिटिव रहने से है, जो मानसून के लिए अनुकूल माना जाता है। लेकिन मैडेन जुलियन दोलन का असर क्या रहेगा, यह अभी साफ नहीं है।

    इधर राज्य में गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। कई जिलों में तापमान 36 से 38 डिग्री के बीच पहुंच चुका है, जिसमें झारसुगुड़ा सबसे गर्म रहा।

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