CWG 2026: ग्लास्गो की कहानी पूरी अब अहमदाबाद की तैयारी, क्लोजिंग सेरेमनी ने जमाया रंग; भारत पर जमी पूरे विश्व की नजरें
ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन हुआ, जिसकी मेजबानी अब चार साल बाद अहमदाबाद को मिली है। क्लोजिंग सेरेमनी में नीरज चोपड़ा, पीटी ऊषा और हर्ष सांघवी ...और पढ़ें
HighLights
कॉमनवेल्थ गेम्स का ग्लास्गो में समापन हुआ
अगले खेलों की मेजबानी अहमदाबाद, भारत को मिली
भारतीय दिग्गजों ने मशाल ग्रहण कर स्वागत किया
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अलविदा ग्लास्गो! अब अहमदाबाद में मिलेंगे, चार साल बाद।
इस वादे के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 का समापन हो गया है। आखिरी समय पर स्कॉटलैंड के ग्लास्गो को मिली इन खेलों की मेजबानी ने कई सवाल तो खड़े किए, लेकिन अंत भला तो सब भला वाली कहावत यहां सटीक बैठती है। अब चार साल बाद इन खेलों का आयोजन भारत के शहर अहमदाबाद में होगा।
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी में मशाल को अब भारत के सुपुर्द कर दिया गया है। बीती रात हुए इस समारोह में भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी ऊषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मशाल आधिकारिक तौर पर अपने हाथों में ली और इसी के साथ ग्लास्गो से ये खेल विदा हुए।
ऐसी रही क्लोजिंग सेरेमनी
क्लोजिंग सेरेमी में स्कॉटलैंड की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली और फिर धीरे-धीरे ध्यान भारत की तरफ ले जाया गया जहां देश की विभिन्न संस्कृतियों को दर्शाया गया और इतिहास की झलक भी दिखाई गई। इस सेरेमनी में इंडो-स्कॉटिश कल्चर का एक साथ आना भी देखने को मिला। दोनों देशों के संगीतकार और डांसरों ने एक मंच पर मिलकर परफॉर्मेंस किया।
भारत ने पूरे विश्व का स्वागत किया और इस दौरान अपनी समृद्ध विरासत की झलक पेश की। साथ ही भारत ने अपनी आधुनिक संस्कृति को भी विश्व के सामने प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के साथ ही 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का सफर शुरू हो गया।
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दिग्गजों ने बांधा समां
इस सेरेमनी की शुरुआत सेंडी थोम, कैमी बार्न्स और ऑस्ट्रेलियाई गायक डेल्टा गुडरेम ने किया। जब गुडरेम गा रहे थे तब सभी देशों के ध्वाजावाहक एक-एक कर आते जा रहे थे। भारत की तरफ से इस सेरेमनी में गोल्ड जीतने वाली महिला मुक्केबाज जैस्मिन लैमबोरिया ने झंडा थामा। खेलों की मेजबानी का हस्तांतरण परेड के साथ शुरू हुआ जिसमें सभी कॉमनवेल्थ गेम्स के झंडे थे। उन्हें पूरे स्टेडियम में दिखाया गया जो मेजबानी दूसरे देश को सौंपने का प्रतीक माना जाता है। ये झंडा पीटी ऊषा और हर्ष सांघवी को सौंपा गया।
इस सेरेमनी में भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे करने का भी जश्न मनाया गया। अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने इस पर प्रस्तुति पेश की। उनके अलावा शंकर महादेवन ने अपने संगीत से समां बांधा। कई रंगारंग कार्यक्रमों के साथ इन खेलों का अंत हुआ और अब पूरी दुनिया अहमदाबाद की तरफ देख रही है।