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    वतन लौटे कॉमनवेल्थ के हीरो, दिल्ली एयरपोर्ट पर मीराबाई चानू और लवप्रीत का जोरदार स्वागत

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 03:15 PM (IST)

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय एथलीटों का पहला बैच स्वदेश लौटा। ...और पढ़ें

    मीराबाई चानू

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय एथलीटों का पहला बैच स्वदेश लौटा। इसमें स्टार वेटलिफ्टर साइखोम मीराबाई चानू और लवप्रीत सिंह भी शामिल थे। रविवार को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सैकड़ों फैंस ने उनका जोरदार स्वागत किया।

    मुझे बहुत गर्व है

    ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा इवेंट में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीता। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद मीराबाई ने PTI से कहा, "मणिपुर से होने के नाते, मुझे बहुत गर्व है कि मैंने अपने देश के लिए कुछ अच्छा किया है।"

     

     

    गोल्‍ड जीतने से चूके लवप्रीत

    लवप्रीत मेंस 110 किग्रा कैटेगरी में सिर्फ एक किलोग्राम से गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए। उन्‍हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। लवप्रीत ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं। पंजाब के 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, "मैं अपनी इंडियन नेवी टीम, कैप्टन विजय कुमार और यहां आए सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।" उन्होंने कुल 388 किग्रा वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 176 किग्रा का कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी शामिल था।

    गोल्ड मेडल से चूकने वाले लवप्रीम ने कहा, "ऐसा होता रहता है, लेकिन मैंने कड़ी मेहनत की और उसका नतीजा मुझे मिला। जब दो खिलाड़ी मुकाबला करते हैं, तो किसी एक को तो हारना ही पड़ता है। अब मैं एशियाई खेलों के लिए अच्छी तैयारी करूंगा।" भारतीय वेटलिफ्टरों ने आठ मेडल के साथ अपना अभियान खत्म किया। इसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल हैं।

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    बहुत अच्छा लग रहा

    महिलाओं की 58 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम ने कहा, "सभी ने हमारा इतना शानदार स्वागत किया कि बहुत अच्छा लग रहा है। घर जैसा महसूस कराने के लिए आप सभी का शुक्रिया। आने वाले कॉम्पिटिशन के लिए मैं अब तक की तुलना में और भी ज्‍यादा कड़ी ट्रेनिंग करूंगी।"

    अगली बार गोल्ड मेडल

    पुरुषों के 60kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने वाले ऋषिकंत सिंह ने कहा कि अगली बार वे गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ऋषिकंत ने कहा, "अच्छा लग रहा है कि मैंने भारत के लिए मेडल जीता है। मैंने अपने परफॉर्मेंस के बारे में पहले ही बात की है, लेकिन मैं और मजबूत होकर लौटूंगा और इससे भी बेहतर परफॉर्मेंस दूंगा।"

     

     

    इंफाल में जन्मे भारतीय सेना के वेटलिफ्टर ने अपने गृह राज्य में शांति की अपील भी की और कहा कि इससे और ज्‍यादा स्पोर्ट्स टैलेंट सामने आ सकेगा। उन्होंने कहा, "मेरे लिए नेवी और मैतेई दोनों बराबर हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हमें मणिपुर में शांति की जरूरत है ताकि मणिपुर मेरे से भी बेहतर एथलीट तैयार कर सके।" भारत अभी मेडल टैली में चौथे स्थान पर है। इसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 39 मेडल हैं।

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