योगासन भारत को राष्ट्रीय खेल महासंघ की मान्यता देने का फैसला रद
दिल्ली हाई कोर्ट ने योगासन भारत को राष्ट्रीय खेल महासंघ की मान्यता देने के केंद्रीय खेल मंत्रालय के फैसले को मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया। हालांकि, क ...और पढ़ें

योगासन भारत को नहीं मिलेगी मान्यता

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: हाई कोर्ट ने योगायन भारत को योगासन के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) की मान्यता देने के केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के फैसले को मनमाना और कानून के विपरीत बताते हुए रद कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि मान्यता देने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद-14 और राष्ट्रीय खेल विकास संहिता का उल्लंघन करती है। हालांकि, कोर्ट ने खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करते हुए योगासन भारत की मान्यता अवधि के दौरान हासिल किए गए प्रमाणपत्र, पदक, खिताब, चयन और रैंकिंग को वैध बनाए रखा है।
कोर्ट ने दिए ये निर्देश
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने 27 नवंबर 2020 को योगासन भारत को दी गई मान्यता, 19 अक्टूबर 2021 के आदेश और वर्ष 2022 से 2025 तक जारी सभी वार्षिक नवीनीकरण आदेशों को रद कर दिया। कोर्ट ने खेल मंत्रालय को 60 दिनों के भीतर सार्वजनिक सूचना जारी कर योग या योगासन के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ की मान्यता पाने के इच्छुक सभी पात्र संगठनों से नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया है।
खेल मंत्रालय ने लिया था ये फैसला
कोर्ट ने कहा कि खेल मंत्रालय ने योग फेडरेशन ऑफ इंडिया के लंबे समय से लंबित आवेदन को नजरअंदाज कर महज तीन माह पुराने संगठन योगासन भारत को तेजी से मान्यता दे दी। वहीं पीठ ने योग फेडरेशन ऑफ इंडिया को सीधे राष्ट्रीय खेल महासंघ घोषित करने से भी इन्कार कर दिया।