ISSF वर्ल्ड कप में शूटर ईशा सिंह ने रचा इतिहास, गोल्ड पर 'निशाना' लगाकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारत की युवा निशानेबाज ईशा सिंह ने जर्मनी के म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 50 में से 43 हिट्स के ...और पढ़ें

ईशा सिंह

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत की युवा निशानेबाज ईशा सिंह ने जर्मनी के म्यूनिख में खेले जा रहे ISSF वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने निशाना सीधे गोल्ड पर साधा। उन्होंने 25 मीटर पिस्टल की स्पर्धा में ये कारनामा किया है और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। भारत की बेटी ने गोल्ड जीतने के साथ ही एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने 50 में से 43 हिट्स के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया।
ईशा सिंह ने फाइनल में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए लगातार अच्छी शूटिंग की। उन्होंने शुरुआत में तीन परफेक्ट सीरीज से सभी को पीछे छोड़ दिया। दबाव वाले मौकों पर भी उन्होंने लगातार सटीक निशाना लगाया, जिससे बाकी प्रतिद्वंद्वी उनसे दूर होते गए।ओलंपिक चैंपियन यांग जी-इन सहित मजबूत फील्ड वाले फाइनल में ईशा का यह प्रदर्शन और भी खास था।
भारत के लिए पहला व्यक्तिगत मेडल
ये गोल्ड मेडल इस सीजन में ISSF विश्व कप में भारत का पहला व्यक्तिगत निशानेबाजी पदक है। ईशा की इस जीत ने उन्हें रोम में होने वाले ISSF विश्व कप फाइनल के लिए सीधा क्वालीफाई भी कर दिया है। 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में अन्य पदक विजेताओं की बात करें, तो जर्मनी की डोरीन वेनेकैंप ने 38 हिट्स के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। उनके अलावा बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा 31 हिट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रही हैं।
आनंद महिंद्रा ने की तारीफ
ईशा की इस उपलब्धि पर देश के बड़े उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी उनकी तारीफ की। हैदराबाद की इस युवा निशानेबाज ने एशियन गेम्स और विश्व कप पदकों के बाद अब विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
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अन्य भारतीयों का प्रदर्शन
म्यूनिख में मनु भाकर क्वालीफिकेशन में 12वें स्थान पर रहकर फाइनल से चूक गईं। वहीं, राहि सरनोबत 14वें स्थान पर रहीं। ईशा अब मनु भाकर के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी हिस्सा लेंगी। इस सीजन में भारतीय निशानेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले ग्रेनाडा में मुकेश नेलावल्ली और पलक गुलिया ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में स्वर्ण जीता था।
अल्माटी में विवान कपूर और नीरू धंडा ने ट्रैप मिक्स्ड टीम में कांस्य पदक हासिल किया।ईशा सिंह की म्यूनिख जीत युवा भारतीय निशानेबाजों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रही है। मात्र 21 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली ईशा अब भारत की प्रमुख निशानेबाजों में शुमार हो गई हैं।
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