हर्षिता बनीं टूर डी फ्रांस फेम्स से जुड़ने वाली पहली भारतीय महिला
भारत की युवा साइकिलिस्ट हर्षिता जाखड़ टूर डी फ्रांस फेम्स का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने स्विट्जरलैंड में इस प्रतिष्ठित रेस ...और पढ़ें

हर्षिता जाखड़

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पीटीआई, हैएगल (स्विट्जरलैंड)। भारत की युवा साइकिलिस्ट हर्षिता जाखड़ ने प्रतिष्ठित टूर डी फ्रांस फेम्स का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय महिला बन कर इतिहास रच दिया है। राजस्थान की 19 साल की खिलाड़ी ने रविवार को इस कठिन बहु-चरणीय साइकिल रेस के दूसरे चरण के औपचारिक शुभारंभ में आठ प्रतिभाशाली साइकिलिस्ट के दल का नेतृत्व किया।
इस दल में अफगानिस्तान, अल्जीरिया, चिली, इथियोपिया (दो साइकिलिस्ट), नामीबिया और युगांडा की खिलाड़ी शामिल थीं। प्रतियोगिता की शुरुआत एक अगस्त को लुसान से हुई और इसका समापन नौ अगस्त को नीस में होगा।
यूसीआई देना चाहता है विश्वस्तरीय अनुभव
अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संघ (UCI) द्वारा चयनित इस विशेष दल ने यूसीआई वर्ल्ड साइक्लिंग सेंटर (WCC) रोड टीम की कुछ साइकिलिस्ट के साथ रेस मार्ग के 4.5 किलोमीटर लंबे न्यूट्रलाइज्ड सेक्शन (गैर-प्रतिस्पर्धी शुरुआती चरण) पर सवारी की। यूसीआई के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव प्रदान करना है।
टूर डी फ्रांस फेम्स महिलाओं की प्रतिष्ठित बहु-चरणीय साइकिल रेस है, जिसे पुरुषों की प्रसिद्ध टूर डी फ्रांस के समकक्ष माना जाता है। यह यूसीआई महिला विश्व टूर कैलेंडर की प्रमुख प्रतियोगिताओं में शामिल है। यूसीआई के अध्यक्ष डेविड लैपार्तिएं ने दूसरे चरण की शुरुआत से पहले खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए भारतीय साइकिलिस्ट की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस विशेष दल के लिए उन राष्ट्रीय साइकिल महासंघों के खिलाड़ियों का चयन किया जाता है जिनके पास शीर्ष स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रतिस्पर्धाओं तक पहुंच उपलब्ध नहीं है।
हर्षिता ने जताई खुशी
हर्षिता ने कहा कि बचपन में अपने पिता की प्रेरणा से मुझे साइकिलिंग से लगाव हुआ और तभी से टूर डी फ्रांस में भाग लेना मेरा सपना रहा है। मैं यूसीआई की आभारी हूं कि उसने मुझे महिला रेस के दूसरे चरण की शुरुआत में दुनिया की अन्य प्रतिभाशाली साइकिलिस्टों के साथ सवारी करने का अवसर दिया।
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जूनियर स्तर पर विभिन्न टूर्नामेंटों में अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाली हर्षिता का लक्ष्य 2026 एशियाई खेलों में शीर्ष 10 में जगह बनाना और 2030 में पदक जीतना है। टारगेट एशियाई खेलों समूह की खिलाड़ी हर्षिता भारतीय खेल प्राधिकरण के पटियाला स्थित राष्ट्रीय उतकृष्टता केन्द्र में अपने पिता और कोच राकेश जाखड़ की देख-रेख में अभ्यास करती है।