पुरुष बॉक्सर क्यों नहीं पहनते हैं हेडगार्ड, महिला मुक्केबाजों के लिए क्यों अलग है नियम? हैरान कर देगी वजह
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सर्स ने 10 मेडल जीते, जिसमें 7 गोल्ड शामिल थे। पुरुष मुक्केबाज बिना हेडगार्ड के लड़ते हैं, जबकि महिलाएं पहनती हैं, ...और पढ़ें

पुरुष बॉक्सर क्यों नहीं पहनते हैं हेडगार्ड?

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सर्स का जलवा देखने को मिला। भारतीय मुक्केबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और कुल 10 मेडल जीते। इसमें 7 गोल्ड मेडल रहे। कॉमनवेल्थ में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सभी का ध्यान खींचा। मुकाबलों के दौरान ऐसा देखा गया, जहां महिला बॉक्सर हेडगार्ड लगाई हुई दिखी लेकिन पुरुषों में ऐसा नहीं दिखा।
पुरुषों के सिर पर हेडगार्ड नहीं दिखने के बाद सवाल उठने लगे कि आखिर पुरुष बॉक्सर मुकाबला करते हुए हेडगार्ड क्यों नहीं पहनते हैं। भारत की तरफ से प्रीति पवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास जैसी बॉक्सर ने गोल्ड मेडल जीता। पुरुषों में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने सोना जीता लेकिन वे दोनों हेडगार्ड लगाए हुए नहीं दिखे।
पुरुष बॉक्सर क्यों नहीं पहनते हैं हेडगार्ड?
साल 2016 से पहले पुरुष बॉक्सर भी हेडगार्ड पहना करते थे। हालांकि, ओलंपिक 2016 में नियमों में बदलाव किए गए। ओलंपिक 2016 में पहली बार ऐसा दिखा, जब पुरुष बॉक्सर बिना हेडगार्ड के खेलते हुए दिखाई दिए। हालांकि, महिलाओं के लिए नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया। दरअसल, एक मेडिकल स्टडी की गई, जिसमें ये सामने आया कि हेडगार्ड निकालने के बाद पुरुषों को चोट का सामना कम करना पड़ रहा था।
रिसर्च में दावा किया गया कि बिना हेडगार्ड के पुरुषों में झटके कम लगते हैं। उन्हें गंभीर चोट लगने की संभावना कम थी। इस वजह से पुरुष बॉक्सर के मुकाबलों से हेडगार्ड को गायब कर दिया गया। हालांकि, महिलाओं को लेकर स्टडी में ऐसी कोई वजह सामने नहीं आई। ऐसे में महिला बॉक्सर अभी भी हेडगार्ड के साथ मैच खेलती हैं, जबकि पुरुष बिना हेडगार्ड के मुकाबला खेलते हैं।
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भारतीय बॉक्सर्स का कॉमनवेल्थ में जलवा
भारत के लिए कॉमनवेल्थ 2026 शानदार रहा। खासकर भारतीय बॉक्सर्स ने अपना जलवा दिखाया और 10 मेडल जीते। इसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे, जिसकी वजह से भारत इस राष्ट्रमंडल खेलों में 13 स्वर्ण पदक जीते हैं। भारतीय बॉक्सर्स में 6 महिलाओं ने जबकि 4 पुरुषों ने मेडल अपने नाम किए हैं।
भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वालों में साक्षी चौधरी, प्रीति पवार (54 किग्रा वर्ग), जैस्मिन लैंबोरिया, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी (70 किग्रा वर्ग), सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल (80 किग्रा वर्ग) का नाम शामिल है। इसके अलावा सिल्वर मेडल में लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेन्द्र बेरवाल का नाम शामिल है।