CWG 2026: ग्लास्गो में भारत की स्वर्णिम उड़ान, मुक्केबाजों ने बरसाए मेडल तो एथलेटिक्स और जूडो में भी दिखा कमाल
भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में एक दिन में 8 स्वर्ण सहित 15 पदक जीतकर 2018 गोल्ड कोस्ट का रिकॉर्ड बराबर किया। मुक्केबाजों ने 7 स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जी ...और पढ़ें

भारतीय एथलीटों ने दिखाया कमाल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : मुक्केबाजी रिंग में बरसे भारतीय मुक्कों से लेकर एथलेटिक्स के मैदान पर दमदार प्रदर्शन तक ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार पूरी तरह भारत के नाम रहा। मुक्केबाजों में जैस्मीन लैंबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी, प्रिया घणघस, सचिन सिवाच के बाद अंकुश पंघाल ने प्रतिद्वंद्वियों को एकतरफा अंदाज में ध्वस्त कर ‘स्वर्णिम पंच’ लगाया, जबकि पैरा एथलीट सोमन राणा ने पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर तिरंगा सबसे ऊपर पहुंचाया।
शनिवार को भारत ने आठ स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य सहित 15 पदक जीते। इसके साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों में एक दिन में सर्वाधिक स्वर्ण पदक जीतने के मामले में भारत ने 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। तब भी भारत ने एक दिन में आठ स्वर्ण पदक जीते थे।
हरियाणा के मुक्केबाजों का दम
सबसे पहले हरियाणा की मुक्केबाज प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण पदक जीता। 57 किग्रा वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मिन लैंबोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात दी तो साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा के फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हराया।
60 किग्रा में प्रिया ने कनाडा की मारी बोथोल को 4-1 से हराया तो 70 किग्रा वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड चेंटले रीड को 5-0 से धूल चटाई। देर रात सचिन सिवाच ने 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में नामीबिया के टीएम एमडेवेल्डे को 3-2 से पराजित किया। अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को 4-1 से हराया।
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मुक्केबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भारतीय मुक्केबाजों का यह राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, जब उन्होंने 10 पदक जीते। इससे पहले 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने सात पदक जीते थे, जिनमें से तीन स्वर्ण, एक रजत और कांस्य पदक शामिल था। वहीं 2018 गोल्ड कोस्ट में मुक्केबाजों ने नौ पदक जीते थे। जिनमें तीन स्वर्ण, तीन रजत और इतने ही कांस्य पदक शामिल थे।
एथलेटिक्स में दिखा दम
पुरुषों की एफ57 गोला फेंक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए 2022 एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता सोनम राणा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर की दूरी तक गोला फेंका और पहला स्थान हासिल किया।
इन्होंने भी जीते पदक
मुक्केबाज जादुमणि ने 55 किग्रा में रजत पदक जीता
मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 70 किग्रा में जीती चांदी
मुक्केबाज नरेंद्र ने 90+ किग्रा में जीता रजत पदक
ट्रिपल जम्प में एथलीट प्रवीण चित्रावेल ने रजत जीता
ट्रिपल जम्प में सेल्वा प्रभु ने भारत की झोली में डाला कांस्य
पैरा शाटपुट एफ57 में शुभम जुयाल ने रजत जीता
जूडोका उन्नति हुड्डा ने 63 किग्रा वर्ग में कांस्य जीता
गुलवीर ने 5,000 मीटर दौड़ में जीता कांस्य पदक