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    उधार लेकर विश्व चैंपियनशिप खेलने गईं भारत की बेटियां, सरकार ने नहीं दिया एक भी पैसा; जानें कों हुआ ऐसा?

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 11:48 PM (IST)

    भारतीय अंडर-20 महिला हैंडबॉल टीम को चीन में विश्व चैंपियनशिप में खेलने के लिए सरकार से मदद न मिलने के कारण कर्ज लेना पड़ा। ...और पढ़ें

    भारतीय हैंडबॉल टीम

    भारतीय हैंडबॉल टीम

    HighLights

    1. भारतीय अंडर-20 महिला हैंडबॉल टीम ने कर्ज लेकर खेला विश्व चैंपियनशिप

    2. खेल मंत्रालय और साई से नहीं मिली आर्थिक मदद, मान्यता विवाद के कारण

    3. खिलाड़ियों ने 3-3 लाख रुपये जुटाए, गरीब परिवारों से आती हैं

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारतीय खेल मंत्रालय और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SOI) की बेरुखी के कारण भारतीय बेटियों को कर्ज लेकर चीन में अंडर-20 विश्व हैंडबॉल चैंपियनशिप में खेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। महिला हैंडबॉल टीम सोमवार को जिनझोंग के लिए रवाना हुई।

    इस खेल के किसी भी राष्ट्रीय महासंघ को मान्यता नहीं होने के कारण खेल मंत्रालय और एसओआई महिला टीम की मदद के लिए आगे नहीं आए। हालांकि बीते वर्ष एसओआई ने इसी टीम को एशियाई चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए अपने खर्चे पर भेजा था। इस बार हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) की गुहार के बावजूद एसओआई ने सरकारी मदद पर टीम नहीं भेजी।

    खिलाड़ियों ने लिया तीन लाख का कर्ज

    बच्चों का करियर खराब न हो इसलिए एचएआई ने टीम के 12 सदस्यों से तीन-तीन लाख रुपये जुटाने को कहा। बेहद गरीब घर के बच्चों ने विश्व चैंपियनशिप में खेलने का सपना पूरा करने के लिए कर्ज लेकर यह राशि जुटाई।

    अंडर-20 टीम में गईं अधिकतर लड़कियां सामान्य या गरीब परिवार से आती हैं। टीम की दो सदस्यों मुस्कान और स्वाति के पिता का देहांत हो चुका है। उनके परिवार ने भी किसी तरह कर्ज लिया और उन्हें भेजा। टीम की एक और सदस्य कानपुर की सौम्या के ड्राइवर पिता बीमार हैं। उनकी सप्ताह में दो बार डायलिसिस होती है। सौम्या के भाई ने जानने वालों से उधार लेकर बहन के विश्व चैंपियनशिप में खेलने का इंतजाम किया।

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    खिलाड़ियों ने आउटडोर कोर्ट पर किया अभ्यास

    हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर की शिवानी के पिता किसान हैं। उनके पिता ने भी बेटी के लिए उधार लिया है। यह टीम सिर्फ 10 दिन की तैयारियों के दम पर विश्व चैंपियनशिप में खेलने जा रही है। एचएआई ने टीम का तैयारी शिविर चंडीगढ़ में आउटडोर कोर्ट पर लगाया था। टूर्नामेंट इंडोर कोर्ट पर होना है। एचएआई के निदेशक आनंदेश्वर पांडेय का कहना है कि फेडरेशन के पास इतना पैसा नहीं था कि कैंप इंडोर कोर्ट पर लगाया जाता।

    क्या है विवाद?

    अंतरराष्ट्रीय महासंघ ने देश में हैंडबॉल के संचालन की कमान एचआईए को सौंप रखी है। एचएआईए को खेल मंत्रालय से मान्यता नहीं है। उसने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को हैंडबॉल की एडहॉक कमेटी स्थापित करने को कहा है, लेकिन आईओए ने दूसरे धड़े हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया को मान्यता दी है। अंतरराष्ट्रीय महासंघ ने आईओए से कहा है कि देश में इस खेल का संचालन एचएआई करेगा। विवाद का समाधान नहीं होने का खामियाजा खिलाड़ी भुगत रहे हैं।

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