Exclusive: चोट, संघर्ष और स्वर्णिम कामयाबी; कॉमनवेल्थ में 'गोल्डन हैट्रिक' के बाद मीराबाई ने अगली पीढ़ी को दिया दमदार मैसेज
साइखोम मीराबाई चानू ने ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से घर लौटने के बाद दैनिक जागरण से खास बातचीत की। ...और पढ़ें

साइखोम मीराबाई चानू

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अपने शानदार करियर में एक और सुनहरी कामयाबी हासिल करने के बाद साइखोम मीराबाई चानू के पास भारतीय वेटलिफ्टर्स की अगली पीढ़ी के लिए एक सीधा लेकिन दमदार मैसेज है, "खूब मेहनत करो, अनुशासन में रहो और त्याग करो।"
ग्लासगो में जीता सोना
ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली और भारत की अब तक की सबसे बेहतरीन वेटलिफ्टर्स में से एक मीराबाई ने ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से घर लौटने के बाद दैनिक जागरण से खास बातचीत की। इन गेम्स में उन्होंने महिलाओं के 48 किग्रा कैटेगरी में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
गोल्डन हैट्रिक लगाई
गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मणिपुर की इस वेटलिफ्टर ने ग्लासगो में अपना खिताब बरकरार रखते हुए शानदार हैट्रिक पूरी की। अपनी सफलता के अलावा मीराबाई ने भारत की वेटलिफ्टिंग टीम को प्रेरित करने में भी अहम भूमिका निभाई। इस टीम ने गेम्स का समापन कुल 8 मेडल के साथ किया। इसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल था।
आपका सफर आसान नहीं रहा है। कई वेटलिफ्टर्स अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। क्या आपके पास उनके लिए कोई संदेश है?
मीराबाई चानू: "यह कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के लिए बहुत सफल रहा है और देश को कई मेडल मिले हैं। मैं बहुत खुश हूं। मैं भारत के सभी लोगों को उनके अपार प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। उनके प्रोत्साहन की वजह से ही मैं इस मुकाम तक पहुंच पाई हूं।
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उन्होंने कहा, "मैं खास तौर पर युवा पीढ़ी से कहना चाहती हूं कि वे कड़ी मेहनत करें, अनुशासन में रहें और अपने लक्ष्यों के लिए त्याग करें। सफलता लगन और दृढ़ता से ही मिलती है।
यह मायने रखता है
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से लौटने के बाद मीराबाई चानू ने उन भावनाओं के बारे में बताया जो उन्हें गेम्स में भारत की पहली गोल्ड मेडलिस्ट बनने और कॉमनवेल्थ में शानदार हैट्रिक पूरी करने के बाद महसूस हुईं।
उन्होंने कहा, "मैं बहुत खुश थी। भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना मेरे लिए बहुत जरूरी था। यह मेरा लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल है। कुल मिलाकर यह मेरा चौथा कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल है। तीन गोल्ड और एक सिल्वर भी है। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। भारत के लिए गोल्ड जीतना हमेशा बहुत गर्व की बात होती है।"
मीराबाई चानू की उपलब्धियां
| इवेंट | संस्करण | पदक |
|---|---|---|
| कॉमनवेल्थ गेम्स | ग्लासगो 2014 | रजत |
| विश्व चैंपियनशिप | अनाहेम 2017 | गोल्ड |
| कॉमनवेल्थ गेम्स | गोल्ड कोस्ट 2018 | गोल्ड |
| एशियाई चैंपियनशिप | ताशकंद 2020 | कांस्य |
| ओलंपिक | टोक्यो 2020 | रजत |
| कॉमनवेल्थ गेम्स | बर्मिंघम 2022 | गोल्ड |
| विश्व चैंपियनशिप | बोगोटा 2022 | रजत |
| विश्व चैंपियनशिप | फोर्ड 2025 | रजत |
| कॉमनवेल्थ गेम्स | ग्लासगो 2026 | गोल्ड |
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