WFI के मना करने के बाद भी गोंडा पहुंची विनेश फोगाट, दिया कारण बताओ नोटिस का जवाब; महासंघ ने नहीं मानी बात
विनेश फोगाट डब्ल्यूएफआई के मना करने के बाद भी गोंडा पहुंच गई हैं जहां नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। ...और पढ़ें
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विनेश फोगाट ने दिया महासंघ के नोटिस का जवाब

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के नेशन ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से मना करने के बाद भी महिला पहलवान विनेश फोगाट सोमवार को गोंडा पहुंच गई हैं। गोंडा में ही इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है जिसे विनेश की वापसी के तौर पर देखा जा रहा था।
डब्ल्यूएफआई ने कुछ दिन पहले विनेश को कारण बताओ नोटिस दिया था और उनसे कहा था कि वह नियमों के हिसाब से 26 जून 2026 तक किसी भी टूर्नामेंट में खेलने के लिए अयोग्य हैं। महासंघ ने तर्क देते हुए कहा था कि चूंकि विनेश ने पेरिस ओलंपिक के बाद संन्यास ले लिया था और अब वह संन्यास से वापसी कर रही हैं तो ऐसे में उन्हें जरूरी नोटिस पीरियड से गुजरना होगा। महासंघ ने ये भी तर्क दिया था कि वह तब तक नहीं उतर सकतीं जब तक उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी न हो जाए।
विनेश ने दिया जवाब
आयोध्या में उतरने के तुरंत बाद विनेश ने डब्ल्यूएफआई के कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है। उन्होंने विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नियम 5.6.1 का हवाला देते हुए कहा कि वाडा का रिटायर्ड एथलीट्स वाला नियम उन पर लागू नहीं होता क्योंकि उन्होंने अपनी वापसी के बारे में जून में ही यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडबल्यू) को बता दिया था। अपने जवाब में विनेश ने कहा कि उन्होंने वैश्विक संस्था को अपनी वापसी के बारे में काफी पहले ही बता दिया था और इसी कारण वापसी को लेकर जो भी जरूरी नियम होते हैं उनका उन्होंने पालन किया है।
जवाब नहीं है काफी
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि डब्ल्यूएफआई विनेश के जवाब से संतुष्ट नहीं है और कहा है कि विनेश ने अपने जवाब में सिर्फ योग्यता को लेकर सफाई दी है, लेकिन उनके ऊपर जो अनुशासनहीनता के आरोप लगे हैं उनको लेकर किसी भी तरह का जवाब नहीं दिया है।
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पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा, "ये जवाब काफी नहीं है। उन्होंने पूरे कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया। जब तक अनुशासनात्मक सुनवाई नहीं हो जाती और फैसला नहीं हो जाता, तब तक उनको प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।"
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