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    CWG 2026: नीरज चोपड़ा के कारण अपना सबसे बढ़‍िया थ्रो कर सके यशवीर सिंह, ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट ने भारत लौटने पर खोला राज

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 09:32 PM (IST)

    कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 में जेवलिन में ब्रॉन्‍ज मेडल जीतने वाले यशवीर सिंह ने अपने सर्वश्रेष्‍ठ थ्रो का श्रेय नीरज चोपड़ा को दिया। ...और पढ़ें

    यशवीर सिंह और नीरज चोपड़ा

    यशवीर सिंह और नीरज चोपड़ा

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    संक्षेप में पढ़ें

    प्रेट्र, नई दिल्ली। यशवीर सिंह ने ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा की आखिरी पल की एक आसान सी सलाह को अपनी जिंदगी का सबसे शानदार थ्रो करने का श्रेय दिया, जिससे भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में सातवें स्थान से आगे बढ़ते हुए कांस्य पदक जीता।

    अंतिम दौर से पहले यशवीर 81.33 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सातवें स्थान पर थे जबकि दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट 82.88 मीटर के प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर थे। सोमवार को राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यशवीर ने बताया कि मुझे प्रतिकूल हालात से पार पाना था।

    नीरज ने मेरे आखिरी थ्रो से पहले मुझे प्रेरित किया और मेरा साथ दिया। उन्होंने मुझे भाले को एक लाइन में रखने के लिए कहा और इसका फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि यह मेरी ज़िंदगी के सबसे बड़े टूर्नामेंट में से एक था इसलिए मेरा एकमात्र मकसद अपना शत प्रतिशत देना था। मैं वहां अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था।

    दूरी हासिल करने में मददगार

    मुझे खुशी है कि मैंने 85.41 मीटर का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल किया और उस प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक भी जीता। भाला फेंकते समय इसे एक लाइन में (या कंधे के साथ एक सीध में) रखना एक जरूरी तकनीक है क्योंकि इससे अधिक से अधिक दूरी हासिल करने में मदद मिलती है और भाला फेंकने वाले हाथ पर दबाव कम होता है।

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    यशवीर ने माना कि उन्होंने बिना किसी दबाव के मुकाबला किया क्योंकि सभी का ध्यान नीरज और उनके प्रतिस्पर्धियों पर था जिनमें ओलिंपिक और गत चैंपियन अरशद नदीम, श्रीलंका के रुमेश पथिरागे और दक्षिण अफ्रीका के एंडरसन पीटर्स शामिल थे।

    नीरज से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करना गलती: रोहित

    भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने सोमवार को स्वीकार किया कि राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में श्रीलंका के स्वर्ण पदक विजेता रमेश पथिरागे के बड़े थ्रो का पीछा करना और नीरज चोपड़ा से भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करना गलती थी।

    इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने 31 जुलाई को पुरुषों के भाला फेंक फाइनल में 81.56 मीटर के थ्रो के साथ सातवां स्थान हासिल किया। रोहित ने कहा कि दूसरे प्रयास में 81.56 मीटर का थ्रो करने के बाद उन्हें लगा कि वह पदक जीतने की अच्छी स्थिति में हैं, जिसके बाद उन्होंने अपने शेष चार प्रयासों में सब कुछ झोंक देने का फैसला किया।

    सोमवार को ग्लास्गो से लौटने के बाद रोहित ने कहा कि मेरा दूसरा थ्रो लगभग 81 मीटर (81.56 मीटर) था और मुझे लगा कि मैं कम से कम शीर्ष आठ में तो जगह बना ही लूंगा। उसके बाद मैंने इसके बाद अपनी पूरी ताकत लगाने का फैसला किया।

    उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि मैं रमेश के थ्रो की बराबरी कर सकता हूं। मैं सोच रहा था कि मैं उस मुकाम को हासिल कर सकता हूं जहां तक उस दिन नीरज भी नहीं पहुंच पाया था। इसी सोच के कारण मैं थोड़ा अति आत्मविश्वासी हो गया था।

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