'वोटर लिस्ट में हैं मृत लोगों के नाम', CM हिमंता ने असम में की SIR की मांग; बताया 100% वोटिंग के पीछे का राज
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मतदाता सूचियों में मृत और बाहर रहने वाले लोगों के नाम होने का आरोप लगाया है। उन्होंने नदी किनारे के इलाकों में 100% वोटिंग पर संदेह जताया और वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से गड़बड़ियों को खत्म किया जा सकता है।

पीटीआई, गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के कई इलाकों में खासकर नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में मतदाता सूचियों में मृत लोगों और बाहर रहने वालों लोगों के नाम मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर 100% वोटिंग होना संदेह पैदा करता है। सीएम ने समाधान के तौर पर 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) और वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने की मांग की है।
हिमंता की SIR की मांग
हिमंता ने कहा कि असम के चर इलाकों और अन्य जगहों पर मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए नहीं गए हैं। शादीशुदा बेटियों के नाम भी लिस्ट से डिलीट नहीं होते हैं। इसके बावजूद वहां 100% वोटिंग होती है, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर SIR के जरिए मतदाता सूची को आधार नंबर से मिलाया जाए तो इस तरह की गड़बड़ियां खत्म हो सकती है।
चिरांग जिले में एक कार्यक्रम के दौरान सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार में मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, जबकि इससे गड़बड़ी दूर हो सकती है।
राहुल गांधी पर कसा तंज
सरमा ने तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी को साफ बताना चाहिए कि वे चाहते क्या हैं? अगर वोटर लिस्ट गलत है तो आधार से लिंक करने में दिक्कत क्या है?"
कांग्रेस पर उठाए सवाल
सीएम हिमंता ने कहा कि कांग्रेस पहले EVM पर सवाल उठाती थी और अब वोटर लिस्ट को मुद्दा बना रही है। उन्होंने पूछा, "अगर लिस्ट इतनी गलत है तो हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस ने जीत कैसे हासिल की?" उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज नहीं होना चाहिए और इसके लिए वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ना जरूरी है।
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