अभिषेक बनर्जी पर हमला और I.N.D.I गठबंधन में बढ़ी एकजुटता... क्या बदलेगा विपक्ष का राजनीतिक समीकरण?
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन में नई एकजुटता देखने को मिल रही है। विपक्षी नेताओं ने ...और पढ़ें
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अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद INDIA गठबंधन में फिर बढ़ी एकजुटता (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद विपक्षी I.N.D.I गठबंधन को नई ऊर्जा मिलती दिखाई दे रही है। बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत और तमिलनाडु में कांग्रेस-डीएमके के अलग होने के बाद गठबंधन कुछ कमजोर नजर आ रहा था, लेकिन इस घटना के बाद विपक्षी दल एक बार फिर साथ आते दिख रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी पर उस समय कथित रूप से हमला हुआ जब वह चुनावी हिंसा में मारे गए एक तृणमूल नेता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस हमले के पीछे भाजपा का हाथ है और इसे बाहरी लोगों से अंजाम दिलाया गया।
इस घटना के बाद कई विपक्षी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि यह भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति का नतीजा है।
विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल की 'अराजक' भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि वह नफरत और नकारात्मक राजनीति के अलावा कुछ नहीं कर सकती। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि किसी सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि उसे चुनने वाली जनता पर भी हमला है।
राहुल गांधी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने भी घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि अगर कोई निर्वाचित सांसद अपने ही राज्य में स्वतंत्र रूप से नहीं घूम सकता तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने की कोशिश है तथा बंगाल सरकार अपने संवैधानिक दायित्व निभाने में विफल रही है।
INDIA गठबंधन की बैठक पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी से जुड़ी घटनाओं के बाद विपक्षी दलों में ममता बनर्जी के प्रति सहानुभूति बढ़ी है। यही वजह है कि कांग्रेस समेत कई दल खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं।
ममता बनर्जी ने जून के पहले सप्ताह में I.N.D.I गठबंधन की बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि कांग्रेस नेताओं के अनुसार कई प्रमुख नेता उस समय उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए बैठक की तारीख आगे बढ़ सकती है।
हाल के दिनों में डीएमके के गठबंधन से अलग होने के बाद I.N.D.I गठबंधन को झटका लगा था। कांग्रेस और डीएमके के रिश्तों में आई दूरी को लेकर भी कई सहयोगी दल असहज थे। ऐसे में अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला विपक्षी दलों को फिर एक मंच पर लाने का कारण बनता दिख रहा है।
डीएमके और टीवीके पर भी नजर
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी संसद के भीतर डीएमके के सहयोग को बनाए रखना चाहती है, लेकिन संसद के बाहर दोनों दलों के रिश्तों का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है। इस बीच राजनीतिक हलकों की नजर अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके पर भी है। अब यह देखा जाना बाकी है कि टीवीके औपचारिक रूप से I.N.D.I गठबंधन का हिस्सा कब बनती है और विपक्षी गठबंधन की अगली बैठक कब आयोजित होती है।
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