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    बिहार की रणनीति पर UP का रण सजाएगी भाजपा, मतदाताओं को याद दिलाया जाएगा सपा शासनकाल

    By Jitendra SharmaEdited By: Shubham Tiwari
    Updated: Sun, 10 May 2026 07:53 PM (IST)

    भाजपा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बिहार चुनाव मॉडल अपनाएगी, जिसमें सपा के शासनकाल में ध्वस्त कानून व्यवस्था को मतदाताओं को याद दिलाया जाएगा। ...और पढ़ें

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    यूपी में बिहार की रणनीति अपनाएगी भाजपा (फाइल फोटो)

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    जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली । भाजपा ने हाल ही में विजय तो असम, बंगाल और पुडुचेरी में दर्ज की है, लेकिन उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारियों के लिए उसके रणनीतिकारों के दिमाग में बिहार विजय का माडल है। इन दोनों राज्यों में सरकार का स्वरूप भले ही अलग हो, लेकिन भाजपा मुख्य विपक्षी में करीब-करीब समानता देख रही है।

    यही कारण है कि जिस तरह बिहार के मतदाता को राजद का शासनकाल ''''जंगलराज'''' के रूप में याद दिलाया, उसी तरह अब उत्तर प्रदेश में योगी शासनकाल से पहले रहे सपा शासनकाल को भी ध्वस्त कानून व्यवस्था के लिए भाजपा मतदाताओं को याद दिलाना चाहती है।

    कार्यकर्ता कनेक्ट

    इसके साथ ही ''कार्यकर्ता कनेक्ट'' के लिए भी संगठन ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इस बार भी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की अपनी उसी रणनीति पर जिसके बल पर उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारा झटका दिया।

    निस्संदेह अखिलेश के इस दांव पर भाजपा की निगाह है और उसकी काट का हरंसभव प्रयास भी करना चाहती है। इसकी झलक योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में जातीय समीकरण साधने की जुगत के रूप में दिखा भी है और अब इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में दिखना तय है।

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    मोदी-योगी सरकार ने सभी वर्गों के लिए काम किया

    केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कहना है कि लोकसभा चुनाव में संविधान के मुद्दे पर जनता को गुमराह किया, लेकिन उसके बाद कई राज्यों के हुए चुनावों में साफ हो गया कि जनता के सामने विपक्ष का सच आ चुका है। उनके मुताबिक अखिलेश पीडीए का दावा कर रहे हैं, जबकि हम जनता को यह बताने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि पिछड़ा हो, दलित हो या अल्पसंख्यक, मोदी-योगी सरकार ने इनके सहित सभी वर्गों के लिए काम किया है।

    किसी खास रणनीति की जरूरत नहीं

    प्रदेश अध्यक्ष कहते हैं कि सपा का असली चेहरा जनता के सामने लाने के लिए किसी खास रणनीति की जरूरत नहीं है, भाजपा की तैयारी यही है कि जिस तरह बिहार में राजद के जंगलराज की याद दिलाकर जनता को आगाह किया, वैसे ही उत्तर प्रदेश में कार्यकर्ताओं के माध्यम से याद दिलाएंगे कि सपा शासन में कानून व्यवस्था कितनी ध्वस्त थी, जबकि योगी ने मजबूत कानून व्यवस्था के साथ विकास का माडल तैयार किया है।

    इसके अलावा संगठनात्मक दृष्टिकोण से भी भाजपा ने सक्रियता बढ़ा दी है। दिसंबर 2025 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद पंकज चौधरी ने कार्यकर्ता कनेक्ट के प्लान पर काम किया है। वह अब तक 100 से अधिक संगठनात्मक बैठकें कर चुके हैं, जिसमें वर्चुअल बैठकें भी शामिल हैं।

    वहीं, रैलियों-कार्यक्रमों की स्वरूप भी बदले जाने का दावा पार्टी के तमाम पदाधिकारी करते हैं। उनका कहना है कि पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों व विधायकों से कह दिया गया है कि रैलियों-कार्यक्रमों में योजनाओं के लाभार्थियों की भीड़ जुटाने पर ध्यान केंद्रित न करें। अधिक से अधिक भागीदारी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की रहनी चाहिए।