भाजपा बोली- बड़ा जनादेश मांगने में कुछ भी गलत नहीं, कांग्रेस की टिप्पणियां खारिज कीं
भाजपा ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि भाजपा लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करके आरक्षण खत्म करना चाहती है। ...और पढ़ें

भाजपा बोली- बड़ा जनादेश मांगने में कुछ भी गलत नहीं, कांग्रेस की टिप्पणियां खारिज कीं (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
शाहनवाज बोले- देश मोदी के नेतृत्व में खूब प्रगति कर रहा मगर कांग्रेस के पास आलोचना के अलावा कुछ नहीं
रमेश ने कहा था- भाजपा लोकसभा में दो तिहाई बहुमत की कोशिश में, असली लक्ष्य आरक्षण समाप्त करना
पीटीआई, नई दिल्ली। भाजपा ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि भाजपा लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करके आरक्षण खत्म करना चाहती है।
साथ ही सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि सुधारों को लागू करने के लिए बड़ा जनादेश मांगने में कुछ भी गलत नहीं है। पार्टी ने जवाहरलाल नेहरू को भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री बताए जाने पर भी आपत्ति जताई।
एक विशेष साक्षात्कार में कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया था कि सत्तारूढ़ पार्टी पहले महिलाओं के आरक्षण के बहाने परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है मगर उसका अंतिम उद्देश्य आरक्षण को समाप्त करना है। यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सीटों की संख्या बढ़ाने या परिसीमन की प्रक्रिया को महिला आरक्षण से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही रमेश ने कहा था कि जवाहरलाल नेहरू भारत के अब तक के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री रहे हैं जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल ऐसे सबसे अच्छे प्रधानमंत्री हो सकते थे मगर वह देश को नहीं मिल सके।
रमेश की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार प्रगति कर रहा है मगर कांग्रेस है कि उसके पास आलोचना करने के अलावा कुछ नहीं है और इसके नेता निराधार आरोप ही लगाते रहते हैं। शहनवाज ने दावा किया कि मोदी को देश के युवा एक आदर्श और संरक्षक के रूप में देखते है।
प्रधानमंत्री उनके कल्याण और भविष्य के लिए काम करते हैं। हुसैन ने जयराम रमेश को कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के समान बताया और कहा कि जैसे अय्यर की टिप्पणियों ने पार्टी को पहले नुकसान पहुंचाया, रमेश भी अब ठीक वैसा ही कर रहे हैं।
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भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने रमेश की टिप्पणी पर कहा कि लोकतंत्र में सुधारों को लागू करने के लिए संख्याबल जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण लागू नहीं होने दिया।
सिन्हा ने कहा- "लोकतंत्र अंततः संख्याबल का खेल है। पिछले 78 वर्षों में कई मौकों पर संख्याओं ने या तो परिवर्तन को सक्षम किया या खेल बिगाड़ा।" सिन्हा ने रमेश द्वारा नेहरू की प्रशंसा को "उच्चतम स्तर की चापलूसी" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू के नेतृत्व में भारत को कई बड़े झटके लगे, जिसमें चीन के हाथों जमीन गंवाना और 1962 के युद्ध में हार शामिल हैं।
उन्होंने कहा- "नेहरू को सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री कहना एक मजाक है।" भाजपा के राज्यसभा सदस्य मनन कुमार मिश्रा ने भी रमेश द्वारा नेहरू की प्रशंसा को खारिज किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता का आकलन उनकी पार्टी के दृष्टिकोण को दर्शाता है न कि देश के दृष्टिकोण को। उन्होंने दावा किया कि नेहरू कई ऐतिहासिक गलतियों के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें देश का विभाजन और अनुच्छेद 370 को लागू करना शामिल है।