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    सोनिया गांधी के 'गाजा' के जवाब में भाजपा का 'ढाका', कहा- हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर कांग्रेस की चुप्पी

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 02:00 AM (IST)

    भाजपा ने कहा कि रफाह के लिए ट्वीट करने वाले ढाका में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साध लेते हैं। लेख में सोनिया ने क्या कहा? प्रेट्र के अनुसा ...और पढ़ें

    सोनिया गांधी के 'गाजा' के जवाब में भाजपा का 'ढाका' (फोटो- एक्स)

    सोनिया गांधी के 'गाजा' के जवाब में भाजपा का 'ढाका' (फोटो- एक्स)

    HighLights

    1. गाजा में इजरायल की जवाबी सैन्य कार्रवाई को सोनिया गांधी ने 'क्रूरता और बर्बरता' की पराकाष्ठा बताया 

    2. भाजपा बोली, रफाह के लिए ट्वीट करने वाले ढाका में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साध लेते हैं 

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति के गलियारों से उठकर गाजा युद्ध की लपटें अब भारतीय सियासत के केंद्र में आ गई हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी समाचार पत्र में लेख लिखकर इजरायल-हमास संघर्ष पर केंद्र सरकार के रुख को आड़े हाथों लिया।

    उन्होंने सरकार की 'चुप्पी' पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गाजा में जारी नरसंहार पर भारत का मौन रहना न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है, बल्कि देश के रणनीतिक हितों के खिलाफ भी है। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा और राजग के नेताओं ने कांग्रेस पर 'तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति' का गंभीर आरोप लगाया।

    ढाका में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी 

    भाजपा ने कहा कि रफाह के लिए ट्वीट करने वाले ढाका में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साध लेते हैं। लेख में सोनिया ने क्या कहा? प्रेट्र के अनुसार, सोनिया ने हमास के सात अक्टूबर के हमले को 'कायराना और अस्वीकार्य' तो माना, लेकिन साथ ही इजरायल की सैन्य जवाबी कार्रवाई को 'क्रूरता और बर्बरता' की पराकाष्ठा बताया।

    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में घिरे इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दोस्ती के चलते भारत ने अपनी नैतिकता की बलि दे दी है और दुनिया में भारत 'मौन रहने वाली इकलौती आवाज' बनकर रह गया है। सोनिया के मुताबिक, इस नीति से देश को कुछ हासिल नहीं हुआ।

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    गौरतलब है कि सोनिया ने दो साल में सात ओपिनियन लेख (ओप-एड) लिखे हैं। इनमें से तीन गाजा और ईरान पर केंद्रित थे। भाजपा व राजग का पलटवार सोनिया के इस प्रहार पर तीखा पलटवार करते हुए भाजपा और राजग के नेताओं ने कांग्रेस पर 'तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति' का गंभीर आरोप लगाया।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि जो लोग रफाह के लिए ट्वीट कर रहे हैं, वे ढाका में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर रहस्यमयी चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत आज 'गुटनिरपेक्षता' नहीं, बल्कि मल्टी-अलाइनमेंट की नीति पर चल रहा है, जिसके तहत रूस-यूक्रेन हो या इजरायल-फलस्तीन, भारत दोनों पक्षों से बात करने की अनूठी स्थिति में है। 'सोनिया से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं"

    आइएएनएस के अनुसार, राजग के घटक दलों (शिवसेना और जदयू) ने भी तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि उन्हें विदेश नीति पर सोनिया गांधी से किसी 'प्रमाण पत्र' की आवश्यकता नहीं है।

    नेताओं ने स्पष्ट किया कि भारत ने हमेशा फलस्तीन का समर्थन किया है, खुद पीएम मोदी को फलस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला है और भारत लगातार गाजा में मानवीय सहायता भेज रहा है। बहरहाल, गाजा की इस त्रासदी ने देश के भीतर विदेश नीति को घरेलू राजनीतिक जंग का एक नया मैदान बना दिया है।

    राम मंदिर के चढ़ावा चोरी की घटना दुखद : प्रियंका गांधी

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी की घटना को दुखद और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि चढ़ावा इकट्ठा करने और उसे सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार लोगों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। प्रियंका ने मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार इस कथित घटना की गहन जांच करे।

    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा दिया गया फंड नहीं है। यह आम नागरिकों की ओर से दिया गया है। राम मंदिर को मिले चढ़ावे के गबन को लेकर विवाद सात जून को सामने आया।

    उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एक एसआइटी बनाई, जिसने सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। सिफारिशों के आधार पर 25 जून की रात को एफआइआर दर्ज की गई