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    तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों का पक्ष सुनेंगे लोकसभा स्पीकर, पूरी सुनवाई के बाद फैसला लेंगे ओम बिरला

    Updated: Wed, 17 Jun 2026 02:00 AM (IST)

    लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के समूह को मान्यता देने के मुद्दे पर फैसला लेने से पहले उसका और ममता बनर्जी की अगुआई वाले गु ...और पढ़ें

    अंतिम निर्णय लेने से पहले तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों का पक्ष सुनेंगे लोकसभा स्पीकर

    अंतिम निर्णय लेने से पहले तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों का पक्ष सुनेंगे लोकसभा स्पीकर

    HighLights

    1. बागी गुट ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मान्यता देने की मांग की है

    2. दस्तीदार ने बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 22 होने की जताई है संभावना

    पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के समूह को मान्यता देने के मुद्दे पर फैसला लेने से पहले उसका और ममता बनर्जी की अगुआई वाले गुट, दोनों का पक्ष सुनेंगे। बागी गुट ने लोकसभा स्पीकर से मान्यता की मांग की है।

    तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के प्रमुख चेहरों में शामिल काकोली घोष दस्तीदार ने मंगलवार को दावा किया कि एनसीपीआइ ने उनकी पार्टी के सभी बागी लोकसभा सदस्यों को शामिल करने के लिए सहमति व्यक्त की है। बागी सांसदों की संख्या 20 से बढ़कर 22 होने की संभावना है। उन्होंने कहा, "अभी हम 20 (सांसद) हैं। यह संख्या बढ़कर 22 हो सकती है।"

    2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमृल के टिकट पर 28 उम्मीदवार जीतकर लोकसभा पहुंचे थे।सूत्रों के अनुसार, लोकसभा स्पीकर बागी सांसदों के गुट को मान्यता देने से पहले इस खेमे और ममता के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष को सुनेंगे।

    स्पीकर अगर तृणमूल के बागी सांसदों की याचिका स्वीकार करते तो एनसीपीआइ सत्तारूढ़ राजग में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी, जो तेदेपा (16 सांसद) और जदयू (12 सांसद) से काफी आगे होगी। लोकसभा में स्पीकर को छोड़कर भाजपा के 239 सदस्य हैं।

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    एनसीपीआइ के अध्यक्ष बने ज्योति

    नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआइ) ने ज्योति प्रकाश चटर्जी को अपना नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। बागी गुट ने इसी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की है।

    तृणमूल के बागी सांसदों की इस घोषणा के बाद त्रिपुरा की यह पार्टी चर्चा में आ गई है, जिसके बारे में इस घटनाक्रम से पहले बहुत कम जानकारी थी। काकोली घोष दस्तीदार की इस घोषणा के एक दिन पहले एनसीपीआइ की संस्थापक शेवली कुंडू ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

    इसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि दस्तीदार ने खुद इस पार्टी की बांगडोर संभाल ली है। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए दस्तीदार ने कहा कि चटर्जी एनसीपीआइ के नए अध्यक्ष होंगे।

    हालांकि एनसीपीआइ का खुद को राष्ट्रीय संगठन महासचिव बताने वाले शांतनु डे ने कहा कि उन्हें नए अध्यक्ष के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि एनसीपीआइ का जनवरी 2023 में एक राजनीतिक पार्टी के रूप में पंजीकरण कराया गया था।

    जब स्पीकर का आया मेल, तब अभिषेक से चल रही थी पूछताछ

    तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि शिक्षक भर्ती मामले में ईडी की पूछताछ के दौरान सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पार्टी के संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी को मुलाकात का समय दिया था।

    पार्टी के अनुसार, स्पीकर कार्यालय से दोपहर दो बजे ई-मेल और फोन के माध्यम से यह सूचना भेजी गई और दो घंटे बाद चार बजे स्पीकर से मिलने को कहा गया, लेकिन उस समय अभिषेक ईडी की पूछताछ में व्यस्त होने के कारण जवाब नहीं दे सके।

    तृणमूल नेताओं ने बाद में स्पीकर कार्यालय को इसकी जानकारी दी। तृणमूल के कुछ सांसदों के बागी होने के बाद अभिषेक ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर किसी अलग गुट को मान्यता नहीं देने का अनुरोध किया था।