Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    तृणमूल को फिर से कैडर आधारित बनाने की तैयारी में ममता बनर्जी, आईपैक पर निर्भरता घटाने का लिया फैसला

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 02:04 AM (IST)

    बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और सांसदों-विधायकों की बड़ी बगावत के बाद तृणमूल कांग्रेस ने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अब अपने ...और पढ़ें

    तृणमूल को फिर से कैडर आधारित बनाने की तैयारी में ममता बनर्जी (फोटो- पीटीआई)

    तृणमूल को फिर से कैडर आधारित बनाने की तैयारी में ममता बनर्जी (फोटो- पीटीआई)

    HighLights

    1. ममता बनर्जी व अभिषेक कार्यकर्ताओं से बढ़ाएंगे सीधा संवाद

    2. आईपैक पर निर्भरता घटाने का लिया फैसला

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और सांसदों-विधायकों की बड़ी बगावत के बाद तृणमूल कांग्रेस ने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अब अपने पुराने कैडर आधारित ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

    इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद बढ़ाएंगे तथा पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में राजनीतिक सलाहकार संस्था आइपैक की भूमिका सीमित की जाएगी।

    सूत्रों के अनुसार, कोलकाता स्थित कालीघाट कार्यालय, जो ममता बनर्जी का आवास भी है, रविवार को छोड़कर प्रतिदिन आम लोगों और कार्यकर्ताओं के लिए खुला रहेगा। कार्यालय समय के दौरान ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी लोगों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा तृणमूल भवन में भी संवाद का एक अलग केंद्र बनाने की योजना है।

    पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका संगठन होता है। बाहरी एजेंसियां केवल सीमित सहयोग दे सकती हैं, लेकिन संगठन का संचालन पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही होना चाहिए।

    इसी सोच के तहत आइपैक पर निर्भरता कम करने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, 2019 से पहले पार्टी का केवल सीमित काम बाहरी एजेंसी के माध्यम से होता था, लेकिन बाद के वर्षों में इसकी भूमिका काफी बढ़ गई। अब संगठन को फिर से पूरी तरह सक्रिय करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

    फिलहाल तृणमूल नेतृत्व अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामले में भी सतर्क रुख अपना रहा है। पार्टी का मानना है कि गंभीर मामलों को छोड़कर फिलहाल नोटिस जारी करने या कड़ी कार्रवाई के बजाय स्थिति पर नजर रखी जाएगी। तृणमूल नेतृत्व का कहना है कि पार्टी इस समय आत्ममंथन करने, संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।

    खबरें और भी