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    मानसून सत्र: विपक्ष की सरकार को घेरने की तैयारी, केंद्र ने MSME समेत कई बिल पर बनाई नई रणनीति

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 04:08 AM (IST)

    संसद के मानसून सत्र का तीसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ...और पढ़ें

    संसद के मानसून सत्र का तीसरा सप्ताह सोमवार को शुरू होगा। (Photo - PTI)

    संसद के मानसून सत्र का तीसरा सप्ताह सोमवार को शुरू होगा। (Photo - PTI)

    HighLights

    1. विपक्ष अडिग तो सरकार भी विधायी कार्य निपटाने को तैयार

    2. गृह मंत्री के मुद्दे पर गतिरोध बनाए है कांग्रेस, एजेंडे पर विपक्ष के बिखराव से सत्ता खेमे को आस

    3. वंदे मातरम और पेपर लीक रोधी विधेयक से सरकार का संकेत, नहीं रुकेगी सदनों की कार्यवाही

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का तीसरा सप्ताह सोमवार को शुरू होगा। पहला सप्ताह छात्र आंदोलन के कारण विपक्ष के हंगामे में धुल गया, लेकिन दूसरे सप्ताह में सरकार ने पेपर लीक रोधी विधेयक और वंदे मातरम से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को दोनों सदनों से पारित करा लिया।

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद माना जा रहा था कि इसके साथ ही संसद का गतिरोध समाप्त हो जाएगा, लेकिन कांग्रेस अब गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधकर सरकार को घेरना चाहती है।

    कांग्रेस अडिग रहने का संकेत दे चुकी

    बेशक अन्य विपक्षी दल कांग्रेस के इस एजेंडे पर पूरी तरह साथ नहीं दिख रहे, लेकिन कांग्रेस अडिग रहने का संकेत दे चुकी है। ऐसे में सरकार ने भी तैयारी कर ली है कि विपक्ष यदि कार्यवाही को बाधित भी करना चाहेगा तो पूरा प्रयास हंगामे के बीच भी सदन की कार्यवाही चलाकर विधायी कार्य निपटाने का होगा।

    विधेयक पर चर्चा की सहमति

    मानसून सत्र के पहले सप्ताह में सदन में विपक्ष को सड़क पर चल रहे छात्र आंदोलन से ताकत मिल गई, जिसके कारण लोकसभा व राज्य सभा की कार्यवाही चल ही नहीं पाई। दूसरे सप्ताह में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पेपर लीक रोधी विधेयक पर चर्चा की सहमति जताने के बावजूद कांग्रेस ने फिर से गतिरोध बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन अन्य विपक्षी दलों के इससे इतर इरादों से सरकार को राह दिखी।

    कई विधेयक इस सत्र में पारित कराना चाहती है सरकार

    उसने हंगामे के बीच भी पेपर लीक रोधी बिल और वंदे मारतम से जुड़ा विधेयक दोनों सदनों से पास करा लिया। सरकार के एजेंडे में एमएसएमई बिल, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या से जुड़ा बिल सहित कई विधेयक हैं, जिन्हें वह इस सत्र में पारित कराना चाहती है।

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    वहीं, विपक्ष खास तौर पर कांग्रेस सरकार के सामने डटकर खड़े रहना चाहती है। माना जा रहा है कि एनजीओ को विदेश से मिलने वाले चंदे से जुड़ा एफसीआरए बिल भी गतिरोध का बड़ा कारण है।

    राजनीतिक नफा-नुकसान

    पेपर लीक रोधी विधेयक चूंकि छात्रों से जुड़ा विषय था, इसलिए राजनीतिक नफा-नुकसान भांपते हुए उस पर चर्चा की सहमति दे दी, लेकिन अब इरादे साफ दिखाई दे रहे हैं कि अन्य विधायी कार्य को वह इतनी आसानी से आगे नहीं बढ़ने देना चाहती है।

    विधायी कार्य निपटाने को तैयारी

    सरकार के सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सिर्फ कांग्रेस मुखर है। विपक्ष के अन्य दलों का इस मांग पर अड़ते-लड़ते हुए संसद नहीं चलने देने जैसे इरादा दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में प्रस्तावित विधेयकों पर चर्चा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि विपक्ष एकजुट होकर हंगामा करेगा तो पूरी कोशिश होगी कि हंगामे के बीच ही विधायी कार्य निपटाया जाए।