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    पप्पू यादव बने पुजारी, दान देने पहुंचे राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी सांसद; राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 11:03 PM (IST)

    विपक्ष ने संसद भवन के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में एक स्वांग रचा, जिसमें पप्पू यादव पुजारी बने और राहुल गांधी समेत सांसदों ने दान दिया। ...और पढ़ें

    पप्पू यादव बने पुजारी, दान देने पहुंचे राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी सांसद(फोटो: एएनआई)

    पप्पू यादव बने पुजारी, दान देने पहुंचे राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी सांसद(फोटो: एएनआई)

    HighLights

    1. विपक्ष ने संसद के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर स्वांग किया।

    2. पप्पू यादव पुजारी बने, राहुल गांधी सहित सांसदों ने दान दिया।

    3. स्पीकर ने पप्पू यादव के भेष बदलने पर सदन में आपत्ति जताई।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सरकार को घेर रहे विपक्ष ने शुक्रवार को संसद भवन के बाहर मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर एक स्वांग रचकर अपना विरोध जताया। जिसमें लोकसभा के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी बने थे, जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों के सांसदों ने उन्हें दान दिया।

    वहीं बाद में पप्पू यादव ने दानपेटी लेकर भागने का नाटक किया, जिन्हें विपक्षी सांसदों ने तुरंत पकड़ दिया। इस दौरान जुड़े विपक्षी सांसदों ने ‘चंदा चोर- गद्दी छोड़’ के नारे लगाए।

    संसद भवन के मकर द्वार के बाहर हुआ यह स्वांग करीब घंटे भर चला। कई साधु संतों ने भी राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से अपील की है कि पप्पू यादव की सदस्यता रद किए जाने की मांग की। जबकि विश्व हिंदु परिषद इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।

    इस पूरे स्वांग के दौरान विपक्षी सांसदों ने यह जताने की कोशिश की है, कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर कैसे चढ़ावा चोरी हुआ था। जिसमें पुजारी बने पप्पू यादव सांसदों से दानपेटी में पैसा डालने की जगह सीधे ले रहे थे। इस बीच पुजारी की वेष-भूषा में पप्पू यादव सदन में भी पहुंचे।

    जिस पर स्पीकर ओम बिरला ने उनके भेष बदलकर आने को लेकर आपत्ति जताई और कहा सांसदों को भेष बदलकर सदन में आना ठीक नहीं है। संसद भवन के बाहर यह स्वांग शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले रचा गया। इस स्वांग में सपा की मुरादाबाद से सांसद रूचि वीरा और फैजाबाद-आयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद भी सक्रिय दिखे।

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    लोकसभा अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कई सांसदों ने लिखकर भी इसकी शिकायत की है। यह गंभीर रूप से आपत्तिजनक आचरण है जिससे संसद की पवित्रता खत्म होती है। सूत्रों की मानें तो इस घटना के बाद सचिवालय अब एक नए प्रस्ताव पर काम कर रहा है, जिसमें मकर द्वार व बाकी मुख्य रास्तों पर प्रदर्शन से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

    वहीं सांसदों को अगर अपनी बात रखनी है या विरोध जताना है तो उसके लिए संसद परिसर में महात्मा गांधी या बाबा साहब की मूर्तियों के सामने जैसे स्थान पहले से तय है। हाल ही में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर रावण ने बाबा साहब की मूर्ति के पास ही धरना दिया था।

    दूसरी तरफ वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि इस तरह का नाटक अभद्र है। उन्होंने कहा कि जिस तरह रावण ने साधु का वेष बनाकर सीता का अपहरण किया था उसी तरह कांग्रेस और सपा समर्थित पप्पू यादव ने साधउ का वेष बनाकर हिंदू आस्था का मजाक बनाया है।