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    अभिषेक बनर्जी के 'सेवाश्रय' शिविर पर गंभीर आरोप, झोलाछापों से कराया इलाज; भाजपा करेगी शिकायत

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 02:00 AM (IST)

    तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना 'सेवाश्रय' अब गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। भाजपा ने आरोप ल ...और पढ़ें

    अभिषेक बनर्जी के 'सेवाश्रय' शिविर पर गंभीर आरोप, झोलाछापों से कराया इलाज (फोटो- एएनआई)

    अभिषेक बनर्जी के 'सेवाश्रय' शिविर पर गंभीर आरोप, झोलाछापों से कराया इलाज (फोटो- एएनआई)

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    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना 'सेवाश्रय' अब गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है।

    भाजपा ने आरोप लगाया है कि शिविरों में बिना एमबीबीएस डिग्री वाले लोगों से मरीजों का इलाज कराया गया, जिसके कारण कई मरीजों को गलत उपचार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने इसे गरीबों की जान से खिलवाड़ बताते हुए पूरे मामले को बड़े भ्रष्टाचार से जोड़ा है।

    भाजपा नेता अभिजीत दास ने बुधवार को इस मामले में अभिषेक के संसदीय क्षेत्र के डायमंड हार्बर थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की है।

    अभिजीत दास का आरोप है कि सेवाश्रय कैंपों में ऐसे लोगों से चिकित्सा कराई गई, जो विधिवत चिकित्सक नहीं थे। होम्योपैथी, आयुष चिकित्सक और जूनियर डाक्टर मरीजों को एलोपैथिक दवाएं लिखते थे। धमकी देकर उनसे इलाज करवाया जाता था।

    उनके अनुसार, एक मरीज को सेवाश्रय शिविर से रेफर किए जाने के बाद दूसरे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां चिकित्सकों को गलत इलाज के कारण उसका पैर काटना पड़ा। भाजपा नेता ने दावा किया कि ऐसे मामलों के उनके पास उदाहरण हैं और शिकायत में सभी तथ्यों का उल्लेख किया जाएगा।

    पहले भी कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं

    उन्होंने यह भी कहा कि सेवाश्रय की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन तत्कालीन तृणमूल सरकार के दौरान कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उम्मीद है।

    गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी ने अपने संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में 'सेवाश्रय' शिविर शुरू किया था। उन्होंने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लगातार दावा किया था कि इन शिविरों से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हुए हैं। बाद में डायमंड हार्बर माडल के आधार पर नंदीग्राम सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे शिविर आयोजित किए गए थे।

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    मरीजों को विभिन्न जांच कराने की दी जाती थी सलाह

    इस बीच, सेवाश्रय शिविर से जुड़े एक चिकित्सक ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर मीडिया से दावा किया कि मरीजों को मुफ्त इलाज के नाम पर विभिन्न जांच कराने की सलाह दी जाती थी। इसके बाद अस्पतालों के मार्केटिंग कर्मी उन्हें भर्ती कराने के लिए प्रेरित करते थे।

    आरोप है कि कई मामलों में मरीजों को 10 से 12 दिनों तक भर्ती रखकर स्वास्थ्यसाथी योजना के तहत बड़ा बिल बनाया जाता था, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होता था।

    जमीन के नीचे बरामद हुई थीं बड़ी मात्रा में दवाएं

    कुछ दिन पहले डायमंड हार्बर महकमे के सरिषा-हिंचाबेड़िया इलाके में जमीन के नीचे बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुई थीं, जिन पर सेवाश्रय का लोगो लगा था। इसके बाद दवाओं की खरीद और वितरण में अनियमितता के आरोप लगे।

    अब भाजपा का आरोप है कि शिविरों में चिकित्सा व्यवस्था भी नियमों के विपरीत संचालित की गई। फलता से भाजपा विधायक देवांशु पांडा ने सवाल उठाया कि यदि दवाएं गुणवत्तापूर्ण थीं तो उन्हें जमीन में दबाने की जरूरत क्यों पड़ी। हालांकि, इन आरोपों पर अभिषेक बनर्जी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।