राहुल गांधी के आवास तक भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं का मार्च, पुतला फूंका; पोस्टर में लिखा 'धोखेबाज'
महिला आरक्षण बिल पास न होने पर भाजपा ने दिल्ली में कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कई वरिष्ठ भाजपा नेता और महिला सांसद राहुल गांधी क ...और पढ़ें
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महिला आरक्षण बिल पर BJP का प्रदर्शन राहुल गांधी को बताया धोखेबाज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने कांग्रेस और विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया। कई वरिष्ठ भाजपा नेता और महिला सांसद समर्थकों के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के घर तक मार्च करते हुए पहुंचे।
इस प्रदर्शन में हेमा मालिनी और बांसुरी स्वराज समेत कई सांसद शामिल थीं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी इस मार्च में मौजूद रहे। पार्टी ने सोशल मीडिया पर 'धोखेबाज' लिखे पोस्टर साझा कर विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि देश की आधी आबादी इसे कभी माफ नहीं करेगी।
सड़क से सोशल मीडिया तक हमला
भाजपा ने इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक अभियान चलाया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने काले झंडे दिखाए और माथे पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे, जिनमें विपक्ष पर ‘नारी शक्ति’ का अपमान करने के आरोप लगाए गए।
#WATCH | Delhi: BJP women workers burn an effigy of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi during their protest march to his residence, a day after the Constitution (131st Amendment) Bill failed to pass in the Lok Sabha. pic.twitter.com/bkvylI74X2
— ANI (@ANI) April 18, 2026
इस प्रदर्शन में कमलजीत सहरावत, मंजू शर्मा, योगिता सिंह और लता गुप्ता जैसे नेता भी शामिल हुए। सभी ने एक सुर में विपक्ष को महिला विरोधी बताया और बिल का विरोध करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने नारे लगाते हुए कहा, "फूल नहीं चिंगारी हैं, हम भारत की नारी हैं… महिलाओं का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा।"
नेताओं के बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सोशल मीडिया पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने तमिलनाडु के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति के कारण महिलाओं को संसद और विधानसभा में ज्यादा प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिल पाया।
नारी शक्ति की 33% आरक्षण को रोकने वाले इन खलनायकों को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी ! pic.twitter.com/6KM9kOSrUQ
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) April 18, 2026
उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीति ने महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक, इस रुख से राज्यों को फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है।
बिल क्यों नहीं हो पाया पास?
संविधान संशोधन (131वां) बिल 2026 में संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। इसके साथ लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की भी बात थी। लेकिन यह बिल लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका।
बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। इस तरह यह संवैधानिक सीमा से कम रह गया और पास नहीं हो सका। सरकार का कहना है कि यह महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए जरूरी कदम था। वहीं विपक्ष का आरोप है कि इसे परिसीमन और राजनीतिक फायदे से जोड़ा गया, जिससे संघीय संतुलन और मंशा पर सवाल उठते हैं।
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