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    मीनाक्षी नटराजन की उम्मीद बरकरार, राज्यसभा नामांकन निरस्त किए जाने को अब हाई कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस

    Updated: Sun, 14 Jun 2026 06:54 AM (IST)

    राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के निर्णय को अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पार्टी का ...और पढ़ें

    मीनाक्षी नटराजन नामांकन निरस्त किए जाने को अब हाई कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस (फोटो- फेसबुक)

    मीनाक्षी नटराजन नामांकन निरस्त किए जाने को अब हाई कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस (फोटो- फेसबुक)

    HighLights

    1. चुनाव की घोषणा के 45 दिनों के भीतर दायर करनी होगी याचिका

    2. सुप्रीम कोर्ट व निर्वाचन आयोग से मीनाक्षी नटराजन नहीं मिली राहत

    जेएनएन, भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के निर्णय को अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व इसकी तैयारी कर रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं की राय ली जा रही है। मीनाक्षी नटराजन भी दिल्ली में हैं।

    अगले सप्ताह चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। पार्टी का प्रयास है कि 21 जून के पहले राहत मिल जाए क्योंकि इसके बाद निर्विरोध निर्वाचित भाजपा के तीनों सदस्य तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट शपथ ले सकते हैं।

    बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी की याचिका निरस्त कर दी थी। निर्वाचन आयोग से भी मीनाक्षी नटराजन को कोई राहत नहीं मिली है। नियमानुसार चुनाव की घोषणा के 45 दिनों के भीतर याचिका दायर करनी होती है, इसलिए पार्टी ठीक से तैयारी कर याचिका प्रस्तुत करेगी।

    कई ऐसे उदाहरण हैं जब अलग-अलग हाई कोर्ट ने चुनाव याचिकाओं में बड़े उलटफेर वाले निर्णय दिए हैं, यही कारण है कि कांग्रेस हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बहुत जल्द चुनाव याचिका दायर करेंगे।

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    निर्विरोध निर्वाचित तीनों सदस्यों को पक्षकार बनाना होगा हाई कोर्ट जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय के अग्रवाल कहते हैं मीनाक्षी नटराजन के मामले में एक ही रास्ता चुनाव याचिका है। इसमें तीनों उम्मीदवार जो निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं उन्हें पक्षकार बनाना होगा।

    कारण, सभी निर्विरोध निर्वाचित हुए, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि महेश केवट मीनाक्षी नटराजन की जगह निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में यह नहीं कह सकते कि किसका निर्वाचन निरस्त हो सकता है। शपथ लेने के बाद भी यदि निर्वाचन रद होता है तो सब समाप्त हो जाएगा।