तृणमूल ने चार वर्षों में विमान और हेलिकाप्टर किराये पर खर्च किए लगभग 150 करोड़, ऑडिट रिपोर्ट में दावा
तृणमूल कांग्रेस ने पिछले चार वर्षों में विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए। चुनाव आयोग को सौंपी गई पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट में ...और पढ़ें

तृणमूल ने चार वर्षों में विमान और हेलिकाप्टर किराये पर खर्च किए लगभग 150 करोड़ (फोटो- एक्स)
HighLights
ऑडिट रिपोर्ट में दावा, गत लोकसभा चुनाव में कुल खर्च का 56 प्रतिशत केवल विमान किराये पर हुआ खर्च
2025 में कोई बड़ा चुनाव नहीं होने के बावजूद विमान किराये पर 37 करोड़ रुपये से अधिक किए गए खर्च
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस ने पिछले चार वर्षों में विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए। चुनाव आयोग को सौंपी गई पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस खर्च का बड़ा हिस्सा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के हवाई दौरों पर हुआ। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी अवधि को छोड़कर अधिकतर सरकारी विमान और हेलिकॉप्टर का उपयोग किया, जिसका खर्च राज्य सरकार ने वहन किया।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में विमान किराये पर 35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। 2023 में यह राशि घटकर लगभग 13 करोड़ रुपये रही। 2024 के लोकसभा चुनाव में यह खर्च बढ़कर 56 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया, जबकि 2025 में कोई बड़ा चुनाव नहीं होने के बावजूद विमान किराये पर 37 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का कुल चुनावी खर्च करीब 82 करोड़ रुपये रहा, जिसमें से 46 करोड़ रुपये केवल विमान किराये पर खर्च हुए। यानी चुनावी खर्च का लगभग 56 प्रतिशत हिस्सा हवाई यात्रा पर खर्च किया गया।
इस खर्च को लेकर विपक्ष के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं।विद्रोही नेता ऋतब्रत बनर्जी ने सवाल उठाया कि जब जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को कानूनी सहायता के लिए भी आर्थिक सहयोग नहीं मिल पा रहा है, तब इस तरह का खर्च कितना उचित है।
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नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि सांसद होने के नाते अभिषेक को बिजनेस क्लास हवाई यात्रा की सुविधा मिलने के बावजूद निजी जेट की आवश्यकता क्यों पड़ी।
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में लेनदेन फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये जमा हैं।