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    NC के राज्य दर्जा बहाली अभियान को बुखारी ने बताया वर्चस्व बढ़ाने का प्रयास, बोले- 'अपनी पार्टी नहीं होगी शामिल'

    By Naveen Sharma Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Wed, 17 Jun 2026 01:09 PM (IST)

    अल्ताफ बुखारी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्य का दर्जा बहाल करने के अभियान को पार्टी-केंद्रित बताया और एकजुटता की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी ...और पढ़ें

    बुखारी ने कहा विकास और पर्यटन पूरक हैं, पर्यटन प्रभावित हुआ तो विकास बेमानी।

    बुखारी ने कहा विकास और पर्यटन पूरक हैं, पर्यटन प्रभावित हुआ तो विकास बेमानी

    HighLights

    1. नेशनल कॉन्फ्रेंस का अभियान एकजुटता के बजाय वर्चस्व दिखाने की कोशिश।

    2. अपनी पार्टी NC के राज्य दर्जा अभियान में नहीं होगी शामिल।

    3. बुखारी ने कहा, राजनीतिक एकता से राज्य का दर्जा जल्द मिलता।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पहल जम्मू-कश्मीर की जनता से अधिक पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का प्रयास प्रतीत होती है। वह इस मुद्दे पर अपना अकेला राग सुनाते हुए,अपना वर्चस्व दिखाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस अभियान या विरोध कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं बनेगी।

    श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बुखारी ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जिस तरीके से राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए अभियान चला रही है, उससे राजनीतिक एकजुटता का अभाव झलकता है। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि देर-सवेर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा अवश्य मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने-अपने कार्यक्रम चलाने का अधिकार है, लेकिन यदि राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर सभी दल एक मंच पर आते तो यह लक्ष्य कहीं जल्दी हासिल किया जा सकता था। उन्होंने कहा, “अगर राजनीतिक एकता होती तो यह मसला छह महीने में हल हो सकता था। अब इसमें छह साल भी लग सकते हैं, लेकिन राज्य का दर्जा बहाल होकर रहेगा।”

    अलग-अलग दल अलग-अलग स्वर में बात करते हैं 

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित जनसंपर्क अभियान का जिक्र करते हुए बुखारी ने कहा कि यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं के लिए ही नजर आता है। उन्होंने कहा, “उन्हें अपना कार्यक्रम चलाने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसा लगता है कि वे व्यापक राजनीतिक एकजुटता में रुचि नहीं रखते। जब अलग-अलग दल अलग-अलग स्वर में बात करते हैं तो मुद्दा और जटिल हो जाता है।”

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    उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी ऐसे कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता, जिसमें अन्य राजनीतिक दलों को साथ लेने की मंशा न हो। बुखारी ने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला स्वयं कह चुके हैं कि यह उनकी पार्टी का कार्यक्रम है और किसी अन्य दल को आमंत्रित नहीं किया जा रहा। ऐसे में वहां जाने का कोई औचित्य नहीं बनता।”

    अपनी पार्टी की भूमिका का उल्लेख करते हुए बुखारी ने कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2020 से लगातार राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाती रही है। उन्होंने दावा किया कि उस समय कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय इसे ‘दिल्ली का एजेंडा’ बताकर खारिज कर रहे थे।

    विकास और पर्यटन के बीच संतुलन रखना बेहद जरूरी 

    उन्होंने कहा, “जब हमने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई थी, तब कुछ दल इसे दिल्ली का एजेंडा बताते थे। आज वही मुद्दा उनका प्रमुख एजेंडा बन चुका है। फिर भी यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की जनता का मुद्दा है और हमें उम्मीद है कि इस दिशा में सफलता मिलेगी।” 

    इस दौरान बुखारी ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर चल रहे विस्तार और बुनियादी ढांचा विकास कार्यों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यटन के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। “विकास और पर्यटन एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि विकास कार्यों के कारण पर्यटन प्रभावित होता है तो ऐसे विकास का उद्देश्य ही कमजोर पड़ जाता है।”

    उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि निर्माण कार्य मुख्य रूप से रात के समय किए जाएं और दिन में हवाई अड्डे का संचालन सामान्य रखा जाए, ताकि पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।