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फारूक-उमर की मौजूदगी में सिविल सोसायटी का केंद्र को अल्टीमेटम, बिना देरी पूर्ण राज्य का दर्जा दो, प्रस्ताव पारित

By Naveen NawazEdited By: Rahul Sharma
Updated: Tue, 07 Jul 2026 04:18 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर की सिविल सोसायटी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से बिना देरी पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की।

श्रीनगर में NC की बैठक में सिविल सोसायटी ने केंद्र को वादा याद दिलाया।

श्रीनगर में NC की बैठक में सिविल सोसायटी ने केंद्र को वादा याद दिलाया

HighLights

  1. सिविल सोसायटी ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की।

  2. डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित।

  3. श्रीनगर में 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की सिविल सोसायटी के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को बिना किसी और देरी के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की।

सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से जारी बयान के अनुसार, श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी (SKICC) में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने की। बैठक में मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से अपने वादे को पूरा करते हुए जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह किया।

Civil society meeting skicc

कई उपयोगी सुझाव और महत्वपूर्ण फीडबैक मिले

बयान में कहा गया कि यह प्रस्ताव बैठक में मौजूद सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों की सामूहिक और सर्वसम्मत राय को दर्शाता है तथा जम्मू-कश्मीर को तत्काल पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की व्यापक मांग को दोहराता है।

उधर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर बैठक में शामिल होने वाले सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सार्थक रही और डॉ. फारूक अब्दुल्ला को विभिन्न वर्गों से कई उपयोगी सुझाव और महत्वपूर्ण फीडबैक मिले।

civi society kashmir

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से अपने वादे के अनुरूप जम्मू-कश्मीर को बिना किसी और देरी के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की अपील करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया।