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    'बंगाल को बांटने नहीं देंगे', कोलकाता में ममता बनर्जी का दूसरे दिन भी धरना जारी

    By Rajiv Kumar JhaEdited By: Shubham Tiwari
    Updated: Sat, 07 Mar 2026 04:06 PM (IST)

    ममता बनर्जी का कोलकाता में मतदाता सूची से नाम हटाने और बंगाल को बांटने की कथित साजिश के खिलाफ दूसरे दिन भी धरना जारी है। ...और पढ़ें

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    कोलकाता में ममता बनर्जी का दूसरे दिन भी धरना जारी

    राजीव कुमार झा, जागरण, कोलकाता। बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों का नाम हटाए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री व टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का कोलकाता में शनिवार को दूसरे दिन भी धरना जारी है।

    ममता ने मध्य कोलकाता के धर्मतल्ला में धरना मंच से शनिवार को चुनाव आयोग, भाजपा व केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि एसआइआर के बाद तैयार किए गए मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जिसका उद्देश्य बंगाल को बांटने की साजिश है।

    ममता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल-बिहार को विभाजित कर केंद्रशासित प्रदेश बनाने की साजिश को वह कभी सफल नहीं होने देंगी। ममता ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो बंगाल में हाथ लगाकर दिखाए। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि अगर कोई बंगाल को छूने की कोशिश करेगा तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

    भाजपा व केंद्र सरकार की कोशिश बंगाल को बांटने की है- ममता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक एक्स पोस्ट में देखा कि दिल्ली के अधिकारी कथित तौर पर बंगाल और बिहार के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने की योजना बना रहे हैं।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि बंगाल में हाथ लगाकर दिखाएं। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा व केंद्र सरकार की कोशिश बंगाल को बांटने की है।

    फिर से एक ‘बंगभंग’ करने की साजिश हो रही है। बिहार को बांटकर झारखंड बनाया गया था। उन्होंने कहा कि जहां-जहां डबल इंजन की सरकार है, वहां लूट मची हुई है। उन्होंने कहा कि बंगाल को बांटने के लिए वोट काटने की राजनीति की जा रही है।

    बताते चलें कि ममता की यह टिप्पणी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के राज्यपाल पद से गुरुवार शाम सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे और खुफिया ब्यूरो (आइबी) के पूर्व प्रमुख व तमिलनाडु के निवर्तमान राज्यपाल आरएन रवि को बोस की जगह बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के घटनाक्रम के बाद आया है। केंद्र सरकार ने उसी दिन सेना के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया।

    चुनाव से ठीक पहले इन नियुक्तियों के बाद से ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं व अटकलबाजियों का दौर जारी है। दरअसल, उत्तर बंगाल के जिलों व बिहार के कुछ हिस्सों को मिलाकर अलग राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग लगातार उठती रही है। जिसके बाद ममता की प्रतिक्रिया सामने आई है।

    ममता ने धर्मतल्ला में मेट्रो चैनल पर शुक्रवार दोपहर में धरना शुरू किया था। ममता ने पार्टी नेताओं के साथ धरना मंच पर ही रात बिताईं। ममता के साथ तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं, कई सांसदों, विधायकों व मंत्रियों के अलावा कोलकाता व आसपास के जिलों के पार्टी कार्यकर्ता भी धरना दे रहे हैं। ममता का यह धरना कब तक चलेगा यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    ममता ने धरना मंच से बांग्लार युवा साथी योजना आज से ही लागू करने की घोषणा की

    ममता ने चुनाव से पहले हाल के राज्य बजट में घोषित दो नई योजनाएं- बांग्लार युवा साथी और दूसरा भूमिहीन खेत मजदूर को शनिवार से ही लागू करने की घोषणा की। ममता ने कहा कि हमने बजट में दो स्कीम की घोषणा की थी।


    एक है बांग्लार युवा साथी और दूसरी है भूमिहीन खेत मजदूर। दोनों स्कीम अप्रैल से शुरू होनी थीं लेकिन हमने उन्हें आज से ही शुरू करने का फैसला किया है।

    ममता ने आरोप लगाया कि वे (भाजपा) बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि हमारा राज्य कई कल्याणकारी स्कीम देने में पूरे देश में नंबर वन है।