ममता ने भाजपा के खिलाफ वाम-अतिवाम और राष्ट्रीय दलों की एकता का किया आह्वान, नए मंच के गठन का प्रस्ताव
भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण के बाद ममता बनर्जी ने व्यापक विपक्षी एकता का आह्वान किया है। उन्होंने वाम, अतिवाम और राष्ट्रीय दलों से भाजपा विरोधी मंच बनाने ...और पढ़ें
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सभी विपक्षी दलों छात्र-युवा संगठनों और एनजीओ से एकजुट होने की अपील की (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा सरकार के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के कुछ घंटे बाद ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ व्यापक विपक्षी एकता का आह्वान किया है।
शनिवार शाम कालीघाट स्थित अपने आवास पर रवींद्र जयंती कार्यक्रम के दौरान ममता ने वाम, अतिवाम (अल्ट्रा लेफ्ट) और विभिन्न राष्ट्रीय दलों को तृणमूल के साथ मिलकर भाजपा विरोधी मंच बनाने की अपील की।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, छात्र-युवा संगठनों और गैर सरकारी संगठनों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का अनुरोध किया। तृणमूल प्रमुख ने कहा कि वाम, अतिवाम और कोई भी राष्ट्रीय दल यदि भाजपा के खिलाफ साथ आना चाहता है तो उनसे बातचीत कर सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से भाजपा ही उनकी पहली शत्रु है।
रवींद्रनाथ ठाकुर की तस्वीर के सामने खड़े होकर ममता ने कहा कि यह समय यह सोचने का नहीं है कि कौन किस दल से है। उन्होंने कहा कि शत्रु का शत्रु मित्र होता है और भाजपा के खिलाफ सभी को एक मंच पर आना चाहिए। ममता की इस अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने रवींद्रनाथ ठाकुर की पंक्ति उद्धृत करते हुए कहा, जीवन जब सूख जाए, करुणा धारा बनकर आओ।
रवींद्र जयंती कार्यक्रम आयोजित करने में बाधा पहुंचाने का आरोप
तृणमूल प्रमुख ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि रवींद्र जयंती कार्यक्रम आयोजित करने में बाधा पहुंचाई गई। कई जगहों पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि उनके घर पर आयोजित कार्यक्रम के लिए डेकोरेटरों को भी काम करने से रोक दिया गया। ममता ने दावा किया कि मंच, चौकी और माइक्रोफोन तक की व्यवस्था उन्हें स्वयं करनी पड़ी।
कहा-घर के सामने लगातार किया जा रहा हंगामा
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी गुंडों को लाकर बंगाल के लोगों पर अत्याचार कराया जा रहा है। ममता ने कहा कि उनके घर और अभिषेक बनर्जी के घर के सामने लगातार हंगामा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक के परिवार और बच्चों तक को परेशान किया जा रहा है तथा घर में आने वालों को रोका जा रहा है।
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हिंसा पीडि़तों के लिए विशेष कोष बनाने की घोषणा
ममता ने यह भी घोषणा की कि चुनाव बाद हिंसा में प्रभावित तृणमूल कार्यकर्ताओं की सहायता के लिए पार्टी एक विशेष कोष बनाएगी। इस कोष के माध्यम से धन एकत्र कर पीडि़तों की मदद की जाएगी। कानूनी मामलों की जिम्मेदारी कल्याण बनर्जी संभालेंगे।
इंटरनेट कनेक्शन तक बंद करने का लगाया आरोप
ममता ने यह भी दावा किया कि हाल ही में उनका इंटरनेट कनेक्शन तक बंद कर दिया गया था, जिसके कारण न तो फोन आ रहे थे और न ही संदेश पहुंच रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद तृणमूल नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है।
विपक्षी नेताओं ने किया संपर्क
तृणमूल प्रमुख ने बताया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी नेताओं ने उनसे संपर्क किया है। इसके अलावा उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल ने भी समर्थन संदेश भेजे हैं। उल्लेखनीय है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिली हैं।
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