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    महबूबा ने बैकडोर भर्ती का लगाया आरोप, बोलीं- 'NC के मंत्री-विधायकों के रिश्तेदारों को दी नौकरी, BJP भी मिलीभगत में'

    By Naveen Sharma Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Fri, 26 Jun 2026 11:57 AM (IST)

    पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर सरकार पर 25,000 नौकरियों में बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये ...और पढ़ें

    महबूबा ने उमर अब्दुल्ला को दी चुनौती, चोर दरवाजे से नियुक्ति नहीं तो जांच क्यों नहीं।

    महबूबा ने उमर अब्दुल्ला को दी चुनौती, चोर दरवाजे से नियुक्ति नहीं तो जांच क्यों नहीं

    HighLights

    1. महबूबा मुफ्ती ने सरकार पर बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया।

    2. 25,000 नौकरियां बिना विज्ञापन के निजी कंपनियों से दी गईं।

    3. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मामले की जांच की मांग की।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रदेश सरकार पर विभिन्न सरकारी नौकरियों को आउटसोर्स करने की आड़ में बैकडोर नियुक्तियों में लिप्त होने का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कहते हैं कि चोर दरवाजे से कोई नियुक्ति नहीं हुई है,सबकुछ ठीक है तो फिर उन्हें इस पूरे मामले की जांच करानी चाहिए,कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन वह ऐसा करने से बच रहे हैं।

    आज यहां पत्रकारों से बातचीत में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बिना किसी विज्ञापन के बैकडोर से 200 निजी कंपनियों के जरिए 25,000 लोगों को नौकरी पर रखा। ये नौकरियां मंत्रियों और विधायकों के पीआरओ और निजी सचिवों के जरिए दी गईं। कुछ नौकरियां सहयोगियों को भी दी गईं। शायद भाजपा को भी इसमें हिस्सा मिला है, यही वजह है कि भाजपा इस मामले पर चुप है।

    नौकरियों के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया गया

    उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों या सरकारी विभागों की ओर से इन नौकरियों के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया गया। कंपनियों ने थोड़े समय के लिए वेबसाइटें खोलीं ताकि मंत्रियों और विधायकों के रिश्तेदार और कर्मचारी आवेदन कर सकें। फॉर्म भरने के बाद वेबसाइटें तुरंत बंद कर दी गईं।

    महबूबा ने कुछ लोगों के नाम लिए जिनके बारे में उनका कहना था कि उन्होंने बैकडोर नियुक्तियों में सुविधा प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि एक रमज़ान साहब थे, और दूसरे आयुष विभाग में थे। उन्होंने कहा कि मैं उनके पदों का खुलासा नहीं करना चाहती। विभिन्न विभागों में और भी लोग हैं, चाहे वे पीआरओ हों या सचिव, जो विधायकों से सूचियां इकट्ठा करते और फिर उन्हें आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सौंपते।

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    सरकार ने इन नौकरियों को निजी कंपनियों को आउटसोर्स करने का बचाव किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में गांदरबल में कहा था कि ये बैकडोर नियुक्तियां नहीं थीं, बल्कि कुछ नौकरियां परियोजनाओं के लिए आउटसोर्स की गई थीं। अगर मुख्यमंत्री सही हैं तो वह जांच क्यों नहीं कराते।