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    'सत्ताधारियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे', BMC में हार के बाद आया ठाकरे ब्रदर्स का रिएक्शन

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 01:54 PM (IST)

    बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव नतीजों के बाद ठाकरे परिवार ने मुंबई महानगरपालिका की सत्ता खो दी है। हार के बावजूद, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों ने ' ...और पढ़ें

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    BMC में हार के बाद भी ठाकरे भाई मराठी मानुस के मुद्दे पर अडिग (फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। ठाकरे परिवार के हाथों से मुंबई महानगरपालिका की सत्ता जा चुकी है। चुनाव में मिली हार के बावजूद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों ने ही 'मराठी मानुस' और 'क्षेत्रीय अस्मिता' के मुद्दे पर पीछे न हटने का संकल्प लिया है।।

    बीएमसी के नतीजों आने के बाद राज ठाकरने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मराठी लोगों के खिलाफ कुछ भी होता हुआ दिखाई दिया, तो हम सत्ता में बैठे लोगों को जरूर घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे।

    वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एक पोस्ट में दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है'। यह तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी लोगों को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसके वे हकदार हैं।

    मराठियों के लिए संघर्ष जारी

    उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 227 वार्डों में से 65 में जीत हासिल की है। अपने चाचा बाल ठाकरे के नक्शेकदम पर चलने वाले राज ठाकरे ने कहा कि इस हार का मतलब यह नहीं है कि हिम्मत हार जाएंगे और हार मान लेंगे। उन्होंने अपने राज्य और मराठियों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

    हमारा संघर्ष मराठी लोगों के लिए

    राज ठाकर ने कहा कि हमारा संघर्ष मराठी लोगों के लिए, मराठी भाषा के लिए, मराठी पहचान के लिए और एक समृद्ध महाराष्ट्र के लिए है। यही संघर्ष हमारा अस्तित्व है। आप भली-भांति जानते हैं कि ऐसे संघर्ष दीर्घकालिक होते हैं।

    मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा

    राज ठाकरे ने आगे कहा कि चाहे एमएमआर क्षेत्र हो या पूरा राज्य, सत्ताधारी ताकतें और उनके संरक्षण में रहने वाले लोग मराठी लोगों को परेशान करने और उनका शोषण करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। इसलिए, हमें अपने मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारी सांसों में मराठी बसी है।

    मुंबई चुनाव में मिली हार के बाद उन्होंने कहा कि हम उन सभी चीजों का विश्लेषण करेंगी और जो गलती हुई है, उसमें सुधार करेंगे। उन्होंने पार्टी को बिल्कुल नए सिरे से खड़ा करने का संकल्प लिया।

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