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    जोजिला सुरंग के साथ खत्म होगा लद्दाख का सर्दियों का वनवास, नितिन गडकरी बोले- '3 घंटे का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में'

    By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Tue, 09 Jun 2026 03:33 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग के अंतिम ब्रेकथ्रू का उद्घाटन किया, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को हर मौसम में जोड़ेगी। यह सुरंग लद्दाख के स ...और पढ़ें

    गडकरी ने कहा- आर्थिक विकास, सामाजिक एकीकरण और रणनीतिक आवाजाही के लिए मील का पत्थर साबित होगी परियोजना। फोटो: एएनआई

    गडकरी ने कहा- आर्थिक विकास, सामाजिक एकीकरण और रणनीतिक आवाजाही के लिए मील का पत्थर साबित होगी परियोजनाफोटो: एएनआई

    HighLights

    1. नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग के अंतिम ब्रेकथ्रू का उद्घाटन किया।

    2. लद्दाख का सर्दियों का अलगाव खत्म होगा, यात्रा समय घटेगा।

    3. यह दुनिया की सबसे ऊंची बाई-डायरेक्शनल सड़क सुरंग है।

    डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को जोजी-ला सुरंग के अंतिम ब्रेकथ्रू का उद्घाटन किया। यह रणनीतिक परियोजना जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही है।

    इस दौरान संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि यह सुरंग श्रीनगर और लेह के बीच निर्बाध संपर्क देगी। इससे लद्दाख का सर्दियों में होने वाला अलगाव खत्म होगा और क्षेत्र में रणनीतिक आवाजाही, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर जोजी-ला दर्रे के नीचे बन रही 13.153 किलोमीटर लंबी इस सुरंग में अंतिम ब्रेकथ्रू हासिल कर लिया गया। सुरंग के पूरा होने पर लद्दाख को साल भर संपर्क मिल सकेगा, जो सर्दियों में भारी बर्फबारी और दर्रे के बंद होने के कारण महीनों तक देश के बाकी हिस्सों से कटा रहता है।

    इस मौके पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख दोनों के लिए इस परियोजना के महत्व को रेखांकित किया।

    दुनिया की सबसे ऊंची बाई-डायरेक्शनल सुरंग

    करीब 11,578 फीट की ऊंचाई पर बन रही जोजी-ला सुरंग दुनिया की सबसे ऊंची सिंगल-ट्यूब, बाई-डायरेक्शनल सड़क सुरंग होगी। परियोजना का निर्माण मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से किया जा रहा है।

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    यह सुरंग हिमस्खलन संभावित जोजी-ला दर्रे को बायपास करेगी, जो हर साल कठोर सर्दियों के कारण कई महीनों तक बंद रहता है। अंतिम संरचनात्मक खुदाई का ब्रेकथ्रू परियोजना के शुरू होने से पहले की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    यात्रा समय 3 घंटे से घटकर 15 मिनट होगा

    सुरंग के चालू होने पर इस सेक्टर में यात्रा का समय तीन घंटे से घटकर करीब 15 मिनट रह जाएगा। इससे दूरदराज के इलाकों तक संपर्क बेहतर होगा, माल और सेवाओं की आवाजाही आसान होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती इलाकों में भारतीय सशस्त्र बलों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मजबूत होगा।

    इस ब्रेकथ्रू को लद्दाख के आर्थिक विकास, सामाजिक एकीकरण और देश के बाकी हिस्सों के साथ रणनीतिक संपर्क के लिए महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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