अकाली नेता मजीठिया के ठिकानों पर दबिश, अमृतसर में थाने के बाहर हुए विवाद पर कार्रवाई; सुखबीर ने जताया विरोध
मजीठा थाना विवाद और प्रदर्शन मामले में पुलिस ने 12 विशेष टीमें गठित की हैं। पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस आरोपित ...और पढ़ें
HighLights
मजीठा थाना विवाद में पुलिस ने कार्रवाई तेज की।
पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया के ठिकानों पर दबिश दी गई।
पुलिस ने 12 विशेष जांच टीमें गठित की हैं।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर के मजीठा पुलिस थाना परिसर में हुए विवाद और प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद आरोपितों तक पहुंचने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने 12 विशेष टीमों का गठन किया है। सूत्रों के अनुसार इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और कई स्थानों पर दबिश देकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, पुलिस की इस कार्रवाई पर अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने सरकार को घेरा है। जानकारी के अनुसार रविवार को मजीठा पुलिस थाना परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अकाली दल के एक समर्थक की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता थाना परिसर के बाहर एकत्र हो गए थे। इसके बाद पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया गया।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ बहस और धक्का-मुक्की की। वहीं दूसरी ओर अकाली दल के नेताओं का कहना है कि वे अपने समर्थक के पक्ष में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। घटना को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे सामने आ रहे हैं।
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मजीठिया के घर के पास तैनात पुलिसबल।
पुलिस जुटा रही वीडियो फुटेज
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है ताकि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिकी में नामजद और अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्राथमिकी में पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया का नाम शामिल है या नहीं।
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सूत्रों के अनुसार पुलिस ने अमृतसर स्थित ग्रीन एवेन्यू क्षेत्र में बने विक्रम मजीठिया के आवास पर भी दबिश दी है। इसके अलावा मजीठा क्षेत्र और चंडीगढ़ स्थित उनके अन्य ठिकानों पर भी पुलिस टीमों के पहुंचने की चर्चा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों की ओर से छापेमारी को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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राजनीतिक माहौल गर्माया
उधर, मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और घटना की निष्पक्ष जांच के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें लगातार कार्रवाई में जुटी हुई हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बादल ने कार्रवाई को बताया बौखलाहट
पंजाब पुलिस द्वारा शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के घर पर छापेमारी के संबंध में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे आप सरकार की मजीठा चुनाव में हुई हार की बौखलाहट बताया है। सुखबीर सिंह बादल ने कहा- "देखिए, यह सब राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं और हताश हैं।"
उन्होंने मजीठिया के निर्वाचन क्षेत्र में पूरी ताकत लगा दी, पहले तो वोट रद्द करवाने की कोशिश की, फिर बूथ कैप्चरिंग की, लेकिन फिर भी मजीठिया के साथी जीत गए। अब उन्होंने बिक्रम मजीठिया को जेल में डालने को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है। यह सब पंजाब सरकार की सुनियोजित साजिश है।
जानें क्या है मामला
थाना मजीठा में विक्रम सिंह मजीठिया और उनके 60 के करीब समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैl विक्रम मजीठिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर हवालात में बंद आरोपित को बाहर निकाला। इतना ही नहीं, एक सब इंस्पेक्टर का मोबाइल भी छीना। पुलिस कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया गया।
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