एयरलाइन और ई कामर्स कंपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती, फ्लाइट रद पर देना पड़ेगा रिफंड
चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने गो एयर एयरलाइन और क्लियरट्रिप पर फ्लाइट रद करने और रिफंड न देने के मामले में 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। आयोग ने कहा कि एयरलाइन और ई-कॉमर्स कंपनियां यात्रियों की परेशानी के लिए अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकतीं। शिकायतकर्ता ने गोवा के लिए टिकट बुक कराई थी लेकिन फ्लाइट रद हो गई और उन्हें रिफंड भी नहीं मिला।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यात्री को हुई समस्या के मामले में एयरलाइन और ई कामर्स कंपनी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। हर्जाने के साथ रिफंड देना होगा। इसके अलावा मुकदमा खर्च भी देना पड़ेगा। आयोग ने मोहाली जिले के गांव कांसल में रहने वाले नितिन गोयल की शिकायत पर यह टिप्पणी की।
गोयल ने पिछले साल परिवार के साथ गोवा जाने के लिए गो एयर एयरलाइन की टिकट बुक करवाई थी। उन्होंने बुकिंग ई कामर्स कंपनी क्लियरट्रिप से करवाई थी। एयरलाइन ने यात्रा से एक दिन पहले अचानक फ्लाइट कैंसल कर दी और उन्हें रिफंड भी नहीं दिया।
इस मामले में जब उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन और ई कामर्स कंपनी से जवाब मांगा तो दोनों एक दूसरे ओर दोष मढ़ने लगे। ऐसे में आयोग ने दोनों को लापरवाही के लिए जिम्मेदार मानते हुए 20 हजार रुपये हर्जाना अदा करने के निर्देश दिए।
यह था मामला...
गोयल ने याचिका में बताया कि उन्होंने परिवार के साथ गोवा घूमने जाना था। उन्होंने क्लियरट्रिप से गो एयर एयरलाइन की टिकट बुक करवा ली। जिसके लिए उन्होंने 60860 रुपये का भुगतान किया। फ्लाइट रवाना होने से एक दिन पहले एयरलाइन ने बिना कोई कारण बताए फ्लाइट कैंसल कर दी।
ऐसे में उनके लिए समस्या खड़ी हो गई। उन्होंने गोवा में होटल और घूमने का पैकेज ले रखा था। इसलिए उन्होंने किसी और एयरलाइन से टिकट बुक करवा ली। वापसी में उन्हें कोई और एयरलाइन की फ्लाइट नहीं मिली जिस कारण उन्हें होटल में एक दिन और रहना पड़ा जिसमें उनका 16 हजार रुपये खर्च हो गए।
आयोग ने कहा 76 हजार रुपये लौटाने होंगे
गोयल ने एयरलाइन और ई कामर्स कंपनी क्लियरट्रिप के खिलाफ याचिका दायर कर दी। आयोग ने उनकी याचिका को मंजूर करते हुए एयरलाइन और ई कामर्स कंपनी को 76860 रुपये ब्याज के साथ लौटाने और 20 हजार रुपये हर्जाना अदा करने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही आयोग ने दोनों कंपनियों को 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करने के निर्देश दिए।
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