फिरोजपुर हत्याकांड में जम्मू कश्मीर से दबोचे गए दो शूटर, गुरचरण गाबा पर चलाई थी गोलियां; हथियार बरामद
फिरोजपुर के मक्खू निवासी गुरचरण सिंह गाबा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजस्थान के दो आरोपितों को जम्मू कश्मीर से गिरफ्तार किया। आ ...और पढ़ें

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HighLights
गुरचरण गाबा हत्याकांड में दो शूटर गिरफ्तार।
पंजाब पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से दबोचा।
आरोपियों से पिस्तौल और कारतूस बरामद।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़/फिरोजपुर। फिरोजपुर जिले के मक्खू में हुए चर्चित गुरचरण सिंह गाबा हत्याकांड में पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने फिरोजपुर पुलिस और जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हत्या में शामिल दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपित राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उन्हें जम्मू कश्मीर से काबू किया गया है।
पुलिस ने उनके कब्जे से एक 30 बोर की बेरेटा पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार, एक जून को गुरचरण सिंह गाबा अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि गाबा को तीन गोलियां लगी थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर तेजी से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू कर दी थी।
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नहर के किनारे लावारिस मिली थी लाश
जांच के दौरान पुलिस को हत्या के दो दिन बाद आरोपितों द्वारा इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल नहर किनारे लावारिस हालत में मिली। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया। कई राज्यों में आरोपितों की तलाश की गई और आखिरकार पुलिस उनकी लोकेशन तक पहुंचने में सफल रही।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान दोनों शूटरों को जम्मू कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ रंगदारी मांगने, लूटपाट, डकैती, चोरी और शस्त्र अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। राजस्थान पुलिस ने दोनों आरोपितों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
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नेटवर्क खंगालेगी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब हत्या की पूरी साजिश, इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपितों को किसने शरण दी और वारदात को अंजाम देने के लिए उन्हें किस स्तर पर मदद मिली।
मामले में मक्खू थाने में पहले से ही मुकदमा दर्ज है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यह संयुक्त अभियान की बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। पुलिस का दावा है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।