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    मूसलाधार वर्षा के बाद चंडीगढ़ में सुखना लेक के फ्लड गेट खोले, पानी के बहाव में लोग मछलियां पकड़ने कूदे

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 05:10 PM (IST)

    चंडीगढ़ में भारी बारिश के कारण सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया जिसके चलते सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने पड़े। सुखना चौ में पानी पुलों के ऊपर से बहने लगा और पुलों के पास की जाली बह गई। पानी के बहाव में लोग मछलियां पकड़ते दिखे। इंडस्ट्रियल एरिया और बापूधाम में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण रोड बंद कर दिया गया।

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    सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने पर पानी छोड़ा गया। लोग पानी के बहाव में मछलियां पकड़ने कूद गए।

    बलवान करिवाल, चंडीगढ़। वीरवार रात को हुई भारी बारिश से सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से एकदम ऊपर पहुंच गया। पानी बढ़ते देख रात को ही सुखना के दोनों फ्लड गेट खोलने पड़े। सुखना चौ में पानी सभी पुलों के ऊपर से बहने लगा। पानी का तेज बहाव सेक्टर-26 बापूधाम पुल के दोनों तरफ लगी लोहे की जाली और पुलिस के बैरिकेड तक बहाकर ले गया। कई बड़े पेड़ भी उखड़कर पुल के आगे अड़ने से कई जगह पानी घुस गया। इसी दौरान सुखना से लगते गांव किशनगढ़ में लोग मछलियां पकड़ते दिखे। इन्हें रोकने के लिए पुलिसकर्मी नदारद दिखे।

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    इंडस्ट्रियल एरिया स्थिति सुखना चौ पुल के ऊपर से पानी निकला यहां भी पुल के दोनों तरफ लगी जाली और ग्रिल पानी में बह गई। पानी पुल के ऊपर से बहने की वजह से बापूधाम और इंडस्ट्रियल एरिया में तो रोड को दोनों तरफ से बंद करना पड़ा। पुलिसबल मौके पर तैनात रहा। हालांकि बापूधाम पुल बाद में ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया। लेकिन दोनों तरफ पुल की जाली नहीं होने से यहां से गुजरना खतरनाक भी हो गया है।

    सड़क से टकराकर सुखना चौ का पानी बह रहा है। अगर जरा सा भी वाहन का संतुलन बिगड़ा खासकर दो पहिया वाहन का तो वह सीधे चौ में जा सकता है। वहीं पानी के बहाव के साथ मछलियां भी आई हैं, जिनको पकड़ने के लिए लोगों की भीड़ पानी में कूद पड़ी। इसको देखते हुए पुलिस मुश्तैदी से लेन में ट्रैफिक निकलवा रही है।

    रात को हुई जमकर बारिश

    रात से दोपहर तक सुखना लेक का पानी सुखना चौ के रास्ते घग्गर में छोड़ा जाता रहा। गनिमत यह रही कि बारिश रात को हुई दिन में होती तो जनजीवन ज्यादा प्रभावित होता। सड़कों पर पानी में बहकर आया मलबा, मिट्ठी जगह-जगह जमा है। मौसम विभाग के अनुसार रात में ही 35 एमएम बारिश हो गई। बारिश का दौर वीरवार देर रात से शुरू हो गया। जो सुबह तक चला। बारिश से पूरे शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई कालोनियों और गांवों में घरों में पानी घुसने की भी सूचना है। सिर्फ कालोनी और गांवों में ही नहीं कई जगह पाश एरिया में भी घरों के अंदर पानी चला गया।

    अभी और बारिश होगी

    मौसम विभाग के अनुसार अभी चंडीगढ़ और आस-पास एरिया में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को भी बारिश होगी। अगस्त के बाद सितंबर माह में भी बारिश होती रहेंगी। सितंबर के आखिर तक मानूसन की विदाई से राहत मिलेगी। हालांकि बारिश का कोटा अभी चंडीगढ़ में पूरा हो चुका है। यहां औसत बारिश 850 एमएम के आस-पास रहती है। अभी यह आंकड़ा छू लिया है। सितंबर की बारिश बोनस होगी।