राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने पीएम को लिखा पत्र, बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर पंजाब में बाढ़ की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि लगभग 500 गांव और लाखों एकड़ फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। संत सीचेवाल ने मुख्यमंत्री मान से केंद्र सरकार के समक्ष पंजाब का मजबूती से पक्ष रखने और प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलाने की अपील की है।

संवाद सहयोगी, सुल्तनपुर लोधी। बाढ़ से पंजाब में हुई बड़े पैमाने पर तबाही को देखते हुए राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। साथ ही, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में हुई बारिश ने भी स्थिति को और गंभीर कर दिया है।
उन्होंने पत्र में मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब के लगभग 500 गांव, 300 सरकारी स्कूल और तीन लाख किसानों की फसल बाढ़ की चपेट में आ चुकी है।
26 अगस्त की रात को रावी नदी में 14.11 लाख क्यूसेक पानी का बहाव था, जबकि 1988 में रावी में यह 11.20 लाख क्यूसेक पानी था।
संत सीचेवाल ने कहा कि ब्यास दरया में भी इस बार 2.5 से 3 लाख क्यूसेक तक पानी बह चुका है। उन्होंने पत्र में बताया कि मौजूदा पानी का बहाव पंजाब में अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ चुका है।
संत सीचेवाल ने पत्र में कहा कि ब्यास दरिया के पानी ने किसानों की हजारों एकड़ फसल तबाह कर दी है। इस समय पंजाब के माझा, मालवा और दोआबा तीनों क्षेत्र बुरी तरह बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरन तारन, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले भयंकर बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं।
उन्होंने पत्र में लिखा कि देश और विशेषकर पंजाब के किसानों ने हमेशा ही अनाज की दृष्टि से देश के अन्न भंडार भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंजाब के किसान और जवान हमेशा देशहित में लड़ते और खड़े होते आए हैं।
राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल ने इस पत्र की प्रति पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को भी भेजते हुए मांग की है कि वे मजबूती से केंद्र सरकार के समक्ष पंजाब का पक्ष रखें।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि पंजाब सरकार की ओर से भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर तथ्यों सहित बताया जाए कि किस प्रकार हिमाचल प्रदेश समेत अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का पानी पंजाब की नदियों में आकर भारी तबाही मचा रहा है।
जिससे प्रभावित किसानों, मज़दूरों और अन्य पीड़ितों को सही और उचित मुआवज़ा मिल सके तथा इस मुआवज़े को बढ़ी हुई महंगाई के सूचकांक से जोड़कर इसमें वृद्धि की जाए।
राज्य सभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने शुक्रवार को मंड क्षेत्र में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों का रेस्क्यू किया।
बढ़ते पानी के स्तर से मंड के लोग मुश्किल में हैं, खासकर बाऊपुर के आसपास के गांवों के लोग। सुबह से ही संत सीचेवाल और उनके सेवक करीब 100 लोगों और उनके सामान को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले गए।
जिन लोगों ने अपने घर नहीं छोड़े थे, उन्हें भी पानी और प्रसाद भेजा गया। संत सीचेवाल ने हालात सामान्य होने तक लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
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