लुधियाना में बेरहमी से की गई मारपीट में घायल डिलीवरी बॉय की मौत, 7 दिन तक लड़ता रहा जिंदगी की जंग
लुधियाना के राजौरी गार्डन में 1 फरवरी को बेरहमी से पीटे गए डिलीवरी बॉय शिवम की सात दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। परिवार न ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, लुधियाना। जस्सियां इलाके के राजौरी गार्डन में एक फरवरी को 10 से 15 युवकों द्वारा बेरहमी से मारपीट करने के बाद घायल डिलीवरी बाय शिवम की रविवार को डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। वह सात दिन से वेंटिलेटर पर था, जहां उसने अंतिम सांस ली। वहीं, परिवार ने बड़े बेटे के सारे बॉडी ऑर्गन डोनेट कर दिए।
परिवार ने मामले में हत्या की धारा जोड़ने और मुख्यारोपित की गिरफ्तारी की मांग की है। शिवम की मौत के बाद स्वजन और स्थानीय लोगों में रोष है। मृतक के पिता लकमिंदर ने पुलिस पर ढीली कार्रवाई के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना को सात दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपित अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
स्वजन का कहना है कि बेटा शिवम मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसे सरेआम पीट-पीटकर मार दिया गया, लेकिन पुलिस अब तक सिर्फ छापेमारी करने के दावे कर रही है। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा।
हालांकि इस मामले में भी तक पुलिस पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। गौर हो कि शिवम के दोस्त की बहन को बदमाश तंग करते थे। इसलिए शिवम ने उनका विरोध किया था। एक फरवरी को आरोपितों ने शिवम पर हमला कर दिया। उसके सिर में गंभीर चोट आने से सात दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
अधिकारियों से बातचीत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ेंगे: एसएचओ
एसएचओ हैबोवाल वरिंदर सिंह उप्पल ने बताया कि इस मामले में पांच आरोपित पकड़े जा चुके हैं। कुछ रहते हैं, उन्हें भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। अधिकारियों के साथ बात करने के बाद इस मामले में हत्या की धारा को जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
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