Punjab News: धरती के पानी को खींच रही ट्यूबवेलों की प्यास, हर साल बढ़ रहा पानी का दोहन
लुधियाना शहर में पानी की आपूर्ति के लिए नगर निगम ट्यूबवेल पर निर्भर है जिनकी संख्या 1371 तक पहुंच गई है। 2025-26 में ट्यूबवेल लगाने की गति बहुत तेज रही है। सबसे ज्यादा ट्यूबवेल जोन डी में हैं। भूजल स्तर हर साल दो फुट नीचे जा रहा है क्योंकि भूजल रिचार्ज के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

जागरण संवाददाता, लुधियाना। महानगरवासियों की प्यास को बुझाने के लिए निगम सिर्फ ट्यूबवेल पर निर्भर है। शहर की लगभग 30 लाख आबादी की प्यास व जरूरी कार्यों के लिए 1371 ट्यूबवेल से भूजल का दोहन किया जा रहा है। हर साल ट्यूबवेल लगाने में इजाफा होता जा रहा है।
साल 2024-25 के मुकाबले साल 2025-26 में ट्यूबवेल लगाने की रफ्तार ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। महज आठ माह के दौरान शहर में 107 नए ट्यूबवेल लगा दिए हैं। इस तरह अब ट्यूबवेल की संख्या 1371 पहुंच गई है, जबकि बीते साल यह आंकड़ा 1264 था।
सबसे ज्यादा ट्यूबवेल निगम जोन डी के एरिया में लगा है, यहां पर 454 ट्यूबवेल का इस्तेमाल किया जा रहा है। पानी सप्लाई पर नियंत्रण नहीं होने के चलते लगातार भूजल का स्तर नीचे की तरफ जा रहा है। महानगर लुधियाना में हर साल दा फुट जल का स्तर नीचे जा रहा है। इस समय शहर में 130 से 160 फुट धरती के नीचे पानी है। हर साल दो से तीन फुट नीचे पानी जाता है।
भूजल रिचार्ज करने के लिए कोई पुख्ता योजना नहीं
इसके मुकाबले निगम के पास भूजल रिचार्ज करने के लिए कोई पुख्ता योजना नहीं है। हालांकि निगम की तरफ से विश्व बैंक के सहयोग से 24 घंटे नहरी पेयजल योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना पर 3400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन यह योजना लगभग छह साल में पूरी होगी।
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