राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला: बीकानेर-कोटा और जोधपुर में बिगड़ी स्थिति, दो की मौत
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में तीन दिन में दो प्रसूताओं की किडनी खराब होने से मौत हो गई, जबकि कुल छह प्रसूताओं की किडनी खराब हुई है। ...और पढ़ें

छह प्रसूताओं की किडनी हुई खराब
HighLights
बीकानेर में दो प्रसूताओं की किडनी खराब होने से मौत।
सिजेरियन के बाद ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पर उठे सवाल।
कोटा और जोधपुर में भी ऐसे ही मामले सामने आए।
जागरण संवाददाता, जयपुर। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में तीन दिन में दो प्रसूताओं की किडनी खराब होने से मौत हो गई। रविवार देर शाम 26 वर्षीय प्रसूता शारदा की मौत हुई है।
शारदा का पांच जून को सिजेरियन हुआ था। ऑपरेशन के बाद अधिक रक्तस्त्राव से शारदा की हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी किडनी खराब हो गई। वह पिछले दो सप्ताह से वेंटिलेटर पर थी। इससे पहले 19 जून को 20 वर्षीया प्रीति की मौत हुई थी।
छह प्रसूताओं की किडनी हुई खराब
अस्पताल में एक माह में सिजेरियन प्रसव के बाद छह प्रसूताओं की किडनी खराब हुई है, जिनमें से दो की मौत हो गई और दो प्रसूता आइसीयू में भर्ती है। दो प्रसूताओं को डायलिसिस के बाद घर भेज दिया गया है।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ.बी.सी.घीया ने बताया कि दोनों प्रसूताओं की किडनी के बाद अन्य अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था।
सिजेरियन के बाद प्रसूताओं को अधिक रक्तस्त्राव हुआ तो बाजार से मंगवाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए गए थे। इसके बाद ही प्रसूताओं की तबियत बिगड़ी थी।
इससे पहले कोटा में ऐसा ही मामला सामने आया था। कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा स्थित जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत खराव हो गई।
प्रसूताओं ने अधिक रक्तस्त्राव और लो बीपी की शिकायत की है। इनमें से दो महिलाओं को किडनी में संक्रमण के बाद मथुरा दास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर इनमें से एक को जोधपुर एम्स रेफर किया गया। इस घटना के बाद जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को बंद कर दिया गया है। वहां से भी सैंपल लिए गए हैं। रिपोर्ट आने तक यहां ऑपरेशन नहीं होंगे।
उल्लेखनीय है कि कोटा के सरकारी अस्पताल में मई की शुरूआत से लेकर जून के पहले सप्ताह तक पांच प्रसूताओं की मौत हुई थी। कोटा में सिजेरियन के बाद 11 प्रसूताओं की किडनी खराब हुई थी, जिनमें से पांच की मौत हो चुकी है। इन प्रसूताओं को भी बाहर से मंगवाया गया ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाया गया था।
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जांच में सामने आया कि इंजेक्शन में दवा की जगह पानी भरा हुआ था। जांच कमेटी ने अस्पताल के आपरेशन थियेटर में गंदगी को भी इंफेक्शन का कारण माना था।
सभी प्रकरणों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है । बीकानेर और कोटा मामले में करीब आधा दर्जन चिकित्सकों एव नर्सिंगकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है । - गजेंद्र सिंह खिंवसर,चिकित्सा मंत्री
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