25 फर्जी शादी, लाखों की ठगी... ये है राजस्थान की लुटेरी दुल्हन, मध्य प्रदेश में भी फैलाया जाल
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश किया है। अनुराधा पासवान और उसका पति विशाल कुमार पासवान इस गिरोह के मुख्य आरोपी हैं जो शादी के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। उन्होंने करीब 25 फर्जी शादियां कर लाखों रुपये लूटे हैं। अनुराधा का पति विशाल खुद को उसका भाई बताकर रिश्ते तय करवाता था।

जेएनएन, उदयपुर। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश किया है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठगते थे। इस गिरोह की मुख्य आरोपी अनुराधा पासवान और उसका पति विशाल कुमार पासवान फिलहाल जेल में हैं। दोनों ने अब तक करीब 25 फर्जी शादियां कर लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है।
गिरफ्तार महिला अनुराधा अपने पति विशाल के साथ मिलकर यह ठगी का नेटवर्क चलाती थी। विशाल खुद को अनुराधा का भाई बताता और रिश्ते तय करवाता। शादी के कुछ दिनों बाद अनुराधा घर से नगदी, जेवर और अन्य सामान लेकर फरार हो जाती थी।
शिकायत से खुला राज, आरोपी पहले से थी जेल में
डूंगला थानाधिकारी अमृतलाल मीणा ने बताया कि यह मामला किशन करेरी गांव निवासी नेमीचंद कुमावत की शिकायत से सामने आया। नेमीचंद ने बताया कि 2024 में उसकी शादी अनुराधा पासवान से हुई थी, जो कुछ दिन बाद ही 2 लाख रुपए लेकर फरार हो गई। जांच में पता चला कि अनुराधा पहले से ही एक अन्य मामले में सवाई माधोपुर जेल में बंद थी, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा हो गई थी।
पुलिस को सूचना मिली कि अनुराधा भरतपुर में है। दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया। आधार कार्ड और शादी के समय दिए गए दस्तावेजों की जांच के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान और गतिविधियों का पता लगाया। लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ा गया।
पति भी पकड़ा गया, डूंगला में घूम रहा था
अनुराधा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को सूचना मिली कि उसका पति विशाल कुमार पासवान भी डूंगला क्षेत्र में है। पुलिस ने उसे भी जमानत का झांसा देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह ही हर बार अनुराधा की शादी करवाने वाला “भाई” बनता था।
अनुराधा और विशाल उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। उनके दो बच्चे भी हैं। इसके बावजूद अनुराधा हर बार खुद को अविवाहित बताती और आधार कार्ड में पिता का नाम बदलवा देती ताकि उसकी असली पहचान छुपी रहे।
कई बार लौटाए पैसे, दलाल की तलाश जारी
इस गिरोह के साथ एक दलाल भी जुड़ा हुआ था जो रिश्ते करवाने में मदद करता था। कई बार पकड़े जाने पर ये लोग ठगे गए पैसे लौटा देते थे, जिससे कई मामले कोर्ट तक नहीं पहुंचे। पुलिस फिलहाल दलाल की तलाश कर रही है।
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