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    12 साल बाद गुरु का कर्क में गोचर: तुला से मीन राशि वालों पर क्या होगा असर? जानिए उपाय

    Updated: Sun, 31 May 2026 12:30 PM (IST)

    2 जून 2026 को गुरु ग्रह 12 साल बाद अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करेंगे, जिसका तुला से मीन राशि के जातकों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। ...और पढ़ें

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    गुरु गोचर 2026 तुला से मीन राशि पर प्रभाव (AI Generated Image)

    HighLights

    1. गुरु 2 जून 2026 को कर्क राशि में गोचर करेंगे।

    2. तुला से मीन राशि पर होगा विशेष ज्योतिषीय प्रभाव।

    3. करियर, धन, शिक्षा, संबंधों पर दिखेगा असर।

     

    आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह (Jupiter) को शुभ ग्रह में गिना जाता है। गुरु जिसे धन, शिक्षा, शादी और संतान का कारक माना जाता है। इस साल 2 जून 2026 को गुरु ग्रह कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

    सबसे विशेष बात यह है कि, तकरीबन 12 सालों बाद गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं। आइए जानते आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री से तुला से मीन राशि के जातकों पर इसका प्रभाव?

     

    तुला राशि (Libra)

    दशम भाव में बृहस्पति देव का गोचर आपके करियर की दृष्टि से बहुत शुभ है। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति, नेतृत्व के अवसर और सम्मान में वृद्धि होगी। द्वितीय भाव पर दृष्टि होने से आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। चतुर्थ भाव को देखने के कारण घर में भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी। छटे भाव पर दृष्टि आपको किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा से लड़ने की शक्ति प्रदान करेगी।

    उपाय: गुरुवार के दिन गाय को चारा खिलाएं।

    वृश्चिक राशि (Scorpio)

    नवम भाव में बृहस्पति देव का गोचर सौभाग्य का सूचक है। उच्च शिक्षा, ज्ञान और अध्यात्म के क्षेत्र में आप खूब प्रगति करेंगे। प्रथम भाव पर दृष्टि होने से आपका व्यक्तित्व प्रभावी बनेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। तृतीय भाव पर उनकी कृपा आपके साहस को बढ़ाएगी। पंचम भाव पर दृष्टि संतान और शिक्षा के लिए अत्यंत मंगलकारी है। आपको अनुभवी गुरुजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

    उपाय: गुरुवार के दिन धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।

    धनु राशि (Sagittarius)

    अष्टम भाव में बृहस्पति देव का गोचर आपको जीवन के गहरे रहस्यों और आत्म-चिन्तन की ओर ले जाएगा। यह समय शोध और हीलिंग कार्यों के लिए उत्तम है। द्वितीय भाव पर गुरु की दृष्टि आपकी बचत और धन की सुरक्षा के लिए अच्छी है। चतुर्थ भाव पर उनकी कृपा भावनात्मक स्थिरता प्रदान करेगी। बारहवें भाव पर दृष्टि होने से विदेश यात्रा या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

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    उपाय: रोजाना "ॐ गुरवे नमः" का जाप करें।

    मकर राशि (Capricorn)

    सप्तम भाव में बृहस्पति देव का गोचर वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जीवनसाथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। एकादश भाव पर गुरु की दृष्टि धन लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाएगी। प्रथम भाव पर उनकी कृपा से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। तृतीय भाव को देखने के कारण आप नई पहल करने और यात्रा करने में रुचि लेंगे।

    उपाय: गुरुवार के दिन पीले फलों का दान करें।

    कुंभ राशि (Aquarius)

    छटे भाव में बृहस्पति देव का गोचर आपको अपनी बुद्धि और विवेक से हर समस्या का समाधान निकालने की प्रेरणा देगा। कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ सकती है, लेकिन यही जिम्मेदारी आपको भविष्य के लिए तैयार करेगी। दशम भाव पर दृष्टि आपके करियर में विकास को सुनिश्चित करेगी। द्वितीय भाव को देखने के कारण आप अपनी आर्थिक स्थिति को बचाने में सफल रहेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा।

    उपाय: गुरुवार के दिन मंदिर में चने की दाल चढ़ाएं।

    मीन राशि (Pisces)

    पंचम भाव में बृहस्पति देव का गोचर आपके लिए अत्यंत लाभकारी है। शिक्षा, संतान, रचनात्मकता और निवेश के कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। नवम भाव पर गुरु की दृष्टि भाग्य को तीव्र करेगी और आध्यात्मिक प्रगति में सहायक होगी। एकादश भाव को देखने के कारण आपकी अधूरी इच्छाएं पूर्ण होंगी। प्रथम भाव पर दृष्टि आपके आत्मविश्वास और ज्ञान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

    उपाय: नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें।

    लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com