मेष, कुंभ और मीन वालों को कब मिलेगी शनि की साढ़े साती से मुक्ति, पढ़ें राहत पाने का सटीक समय और उपाय
मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती चल रही है। चलिए इस लेख की मदद से जानते हैं कि इन जातकों को शनि की साढ़ेसाती से कब मुक्ति मिलेगी। ...और पढ़ें

कब मिलेगी शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति (AI Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनि की साढ़ेसाती किसी राशि पर 7.5 वर्षों तक चलती है, जिसमें ढाई-ढाई वर्ष के तीन चरण होते हैं। साढ़ेसाती का यह समय जीवन में अनुशासन, स्थान परिवर्तन, संघर्ष और मेहनत के बाद सफलता लाता है। ज्योतिष अनुसार शनि गोचर के चलते मेष, कुंभ और मीन राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति अलग-अलग समय पर मिलेगी। साथ ही कुछ प्रभावी ज्योतिषीय उपाय भी सुझाए गए हैं, जिससे आपको शनि की साढ़ेसाती से राहत देखने को मिल सकती है।
मेष राशि
मेष राशि राशि के जातकों पर 29 मार्च 2025 से साढ़ेसाती (Shani Sade Sati 2026) का पहला चरण शुरू हुआ था। ऐसे में इन लोगों को 31 मई 2032 को शनि के मिथुन राशि में गोचर करने पर साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
कुंभ राशि
वर्तमान में कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को शनि देव मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को इसी दिन पर शनि की साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी।
मीन राशि
3 जून, 2027 में मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू होगा। वहीं 8 अगस्त, 2029 को शनि देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में इस दिन मीन राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
साढ़ेसाती से राहत के उपाय
- नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- शनि देव से संबंधित वस्तुएं जैसे काले तिल, लोहे की वस्तुएं और काले रंग के कपड़ों का दान करें।
- रुद्राक्ष की माला से "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जप करें।
- शनिवार के दिन शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करें।
इस तरह करें छायादान
छायादान करना, शनि दोष और कष्टों से राहत पाने के लिए एक प्रभावी ज्योतिषीय उपाय है। इसके लिए शनिवार के दिन एक लोहे या फिर मिट्टी के पात्र में 250 ग्राम सरसों का तेल या तिल का तेल लेकर, उसमें अपनी परछाई (चेहरा) देखें। इसके बाद उस तेल को किसी गरीब या जरूरतमंद को दें या फिर शनि मंदिर में दान कर दें। इससे आपको अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिलता है, साथ ही शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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