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    भोग लगाते समय कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती? बीज वाले फलों से जुड़ी जरूरी बातें यहां पढ़ें

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 10:30 AM (IST)

    भगवान को बीज वाले फल का भोग लगाने से पहले कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। बड़े बीजों को हटाकर और फल को शुद्ध करके ही अर्पित करें, श्रद्धा सबसे महत्वपूर ...और पढ़ें

    पूजा में क्यों नहीं चढ़ाने चाहिए बीज फल (Image Credit- AI)

    पूजा में क्यों नहीं चढ़ाने चाहिए बीज फल (Image Credit- AI)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पूजा-पाठ और भगवान को भोग लगाना हमारी आस्था को दर्शाता है। अक्सर भक्त इस उलझन में रहते हैं कि भगवान को कौन से फल का भोग लगाना शुभ होता है। साथ ही उन्हें इसे कैसे खिलाया जाए? इस लेख में हम इस बात को जानेंगे कि क्या भगवान को बीज वाले फल का भोग लगाया जा सकता है या नहीं, साथ ही यह शुभ है या अशुभ। भोग के नियमों के बारे में भी हम आर्टिकल में जानते हैं।

    क्या बीज वाले फलों का भोग भगवान को लगाना शुभ है?

    सनातन धर्म में फल को सात्विक और उत्तम भोग माना गया है। ईश्वर को ऋतु फल का भोग चढ़ाना सबसे उत्तम माना जाता है। बीज वाले फलों का भोग आप भगवान को चढ़ा सकते हैं। बस इसे वैसे ही खिलाएं जैसे आप खाते हैं। बीज के साथ आप इसका भोग न लगाएं। अगर फल के बीज बड़े हैं जैसे आम, तरबूज आदि तो इसे निकाल दें। इसके बाद भगवान के सामने रखें, ताकि वो भी इसका सेवन हमारी तरह आसानी से कर सकें।

    भोग लगाने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान

    केवल फल का चयन ही नहीं, बल्कि उसे चढ़ाने की विधि भी बहुत महत्वपूर्ण है। तभी आप भगवान को सही तरीके से भोग लगा सकते हैं।

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    • भोग लगाने से पहले फल को शुद्ध जल से अच्छी तरह धो लें। इसमें धूल, मिट्टी या कीड़े न लगे हों।
    • फलों को हमेशा पूजा के समय ही धोकर या छीलकर काटना चाहिए। पहले से काटकर रखे हुए फल को भोग में शामिल न करें, क्योंकि वह अशुद्ध माना जाता है।
    • यदि फल बड़े हैं, तो उन्हें साफ चाकू से काटकर ही अर्पण करें।
    • भोग के प्रसाद में तुलसी को जरूर रखें, ताकि इससे भगवान भोग का प्रसाद बहुत चाव से खाएं।
    • भोग लगाने का सबसे बड़ा नियम श्रद्धा है। भगवान केवल वस्तु नहीं, बल्कि भक्त का प्रेम देखते हैं। भोग लगाते समय मन में अहंकार का त्याग करें और भगवान का ध्यान करें।

    ईश्वर को बीज वाले फल चढ़ाने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए, बस आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके भगवान भी बच्चे की तरह हैं। ऐसे में जैसे आप बच्चों को हर चीज देखकर खाना खिलाते हैं। वैसे ही भगवान के प्रति भी ऐसी ही आस्था रखें और भोग लगाएं। नियमों का पालन करें और भगवान की सेवा करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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