Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या पर करें शनिदेव के इन मंत्रों का जप, जल्द बनेंगे बिगड़े काम

    Updated: Fri, 28 Mar 2025 09:00 PM (IST)

    सनातन धर्म में शनि अमावस्या (Shani Amavasya 2025) के दिन ब्रह्म में मुहूर्त पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों में दान करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस उपाय को करने से साधक को जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। साथ ही इस दिन पितरों का तर्पण करना चाहिए। इससे पितृ दोष दूर होता है।

    Hero Image
    Shani Amavasya 2025: शनिदेव को इस तरह करें प्रसन्न

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार चैत्र माह में शनि अमावस्या 29 मार्च (Shani Amavasya 2025) को मनाई जाएगी। शनि अमावस्या के दिन शनिवार है, तो ऐसे में शनिदेव की पूजा करना शुभ रहेगा। अगर आप शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो शनि अमावस्या के दिन पूजा के दौरान शनिदेव के 108 नामों का जप करें। इन मंत्रों का जप करने से काम में आ रही बाधा दूर होती है और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    यह भी पढ़ें: Shani Amavasya 2025: चैत्र अमावस्या पर रहेगा ग्रहण का साया, नोट कर लें तर्पण का सही समय

    ।।शनिदेव के 108 नाम ।।

    1. ऊँ शनैश्चराय नमः
    2. ऊँ शान्ताय नमः
    3. ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः
    4. ऊँ शरण्याय नमः
    5. ऊँ वरेण्याय नमः
    6. ऊँ सर्वेशाय नमः
    7. ऊँ सौम्याय नमः
    8. ऊँ सुरवन्द्याय नमः
    9. ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः
    10. ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः
    11. ऊँ सुन्दराय नमः
    12. ऊँ घनाय नमः
    13. ऊँ घनरूपाय नमः
    14. ऊँ घनाभरणधारिणे नमः
    15. ऊँ घनसारविलेपाय नमः
    16. ऊँ खद्योताय नमः
    17. ऊँ मन्दाय नमः
    18. ऊँ मन्दचेष्टाय नमः
    19. ऊँ महनीयगुणात्मने नमः
    20. ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः
    21. ऊँ महेशाय नमः
    22. ऊँ छायापुत्राय नमः
    23. ऊँ शर्वाय नमः
    24. ऊँ शततूणीरधारिणे नमः
    25. ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः
    26. ऊँ अचञ्चलाय नमः
    27. ऊँ नीलवर्णाय नम:
    28. ऊँ नित्याय नमः
    29. ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः
    30. ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः
    31. ऊँ निश्चलाय नमः
    32. ऊँ वेद्याय नमः
    33. ऊँ विधिरूपाय नमः
    34. ऊँ विरोधाधारभूमये नमः
    35. ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः
    36. ऊँ वज्रदेहाय नमः
    37. ऊँ वैराग्यदाय नमः
    38. ऊँ वीराय नमः
    39. ऊँ वीतरोगभयाय नमः
    40. ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः
    41. ऊँ विश्ववन्द्याय नमः
    42. ऊँ गृध्नवाहाय नमः
    43. ऊँ गूढाय नमः
    44. ऊँ कूर्माङ्गाय नमः
    45. ऊँ कुरूपिणे नमः
    46. ऊँ कुत्सिताय नमः
    47. ऊँ गुणाढ्याय नमः
    48. ऊँ गोचराय नमः
    49. ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः
    50. ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः
    51. ऊँ आयुष्यकारणाय नमः
    52. ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः
    53. ऊँ विष्णुभक्ताय नमः
    54. ऊँ वशिने नमः
    55. ऊँ विविधागमवेदिने नमः
    56. ऊँ विधिस्तुत्याय नमः
    57. ऊँ वन्द्याय नमः
    58. ऊँ विरूपाक्षाय नमः
    59. ऊँ वरिष्ठाय नमः
    60. ऊँ गरिष्ठाय नमः
    61. ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः
    62. ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः
    63. ऊँ वामनाय नमः
    64. ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः
    65. ऊँ श्रेष्ठाय नमः
    66. ऊँ मितभाषिणे नमः
    67. ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः
    68. ऊँ पुष्टिदाय नमः
    69. ऊँ स्तुत्याय नमः
    70. ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः
    71. ऊँ भक्तिवश्याय नमः
    72. ऊँ भानवे नमः
    73. ऊँ भानुपुत्राय नमः
    74. ऊँ भव्याय नमः
    75. ऊँ पावनाय नमः
    76. ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः
    77. ऊँ धनदाय नमः
    78. ऊँ धनुष्मते नमः
    79. ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः
    80. ऊँ तामसाय नमः
    81. ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः
    82. ऊँ विशेशफलदायिने नमः
    83. ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः
    84. ऊँ पशूनां पतये नमः
    85. ऊँ खेचराय नमः
    86. ऊँ खगेशाय नमः
    87. ऊँ घननीलाम्बराय नमः
    88. ऊँ काठिन्यमानसाय नमः
    89. ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः
    90. ऊँ नीलच्छत्राय नमः
    91. ऊँ नित्याय नमः
    92. ऊँ निर्गुणाय नमः
    93. ऊँ गुणात्मने नमः
    94. ऊँ निरामयाय नमः
    95. ऊँ निन्द्याय नमः
    96. ऊँ वन्दनीयाय नमः
    97. ऊँ धीराय नमः
    98. ऊँ दिव्यदेहाय नमः
    99. ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः
    100. ऊँ दैन्यनाशकराय नमः
    101. ऊँ आर्यजनगण्याय नमः
    102. ऊँ क्रूराय नमः
    103. ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः
    104. ऊँ कामक्रोधकराय नमः
    105. ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः
    106. ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः
    107. ऊँ परभीतिहराय नमः
    108. ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः

    यह भी पढ़ें: Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या के दिन इस विधि से करें गंगा चालीसा का पाठ, पापों से मिलेगा छुटकारा

    अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।