Aaj Ka Panchang 28 December 2024: आज है प्रदोष व्रत, नोट करें शुभ मुहूर्त और पढ़ें दैनिक पंचांग
आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 03 बजकर 40 मिनट तक रहेगी। इस शुभ तिथि पर कई शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दौरान कार्य की शुरुआत करने से सफलता प्राप्त होती है। आइए आज के दिन की शुरुआत करने से पहले पंडित हर्षित जी से आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 28 December 2024) और राहुकाल का समय जानते हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Paush Pradosh Vrat 2024 Aaj Ka Panchang 28 December: आज प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। यह दिन पूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित है। ऐसा माना जाता कि जो साधक इस दिन भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें धन, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है। आज के दिन (Paush Pradosh Vrat 2024 Panchang) की शुरुआत करने से पहले यहां दिए गए शुभ व अशुभ समय को अवश्य जान लें, जो इस प्रकार हैं -
Aaj Ka Panchang 28 December 2024: आज का पंचांग -
पंचांग के अनुसार, आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 03 बजकर 40 मिनट तक रहेगी।
ऋतु - शरद
चन्द्र राशि - वृश्चिक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 10 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 28 मिनट पर
चन्द्रोदय - सुबह 05 बजकर 41 मिनट पर
चन्द्रास्त - देर रात 03 बजकर 16 मिनट पर
शुभ मुहूर्त
अमृत काल - सुबह 11 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 48 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 58 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक।
अशुभ समय
राहु काल - सुबह 09 बजकर 51 मिनट से 11 बजकर 13 मिनट तक
गुलिक काल - सुबह 07 बजकर 09 मिनट से 08 बजकर 28 मिनट तक।
दिशा शूल - पूर्व
ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती।
चन्द्रबल
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ।
शिव जी पूजन मंत्र
1. ॐ पार्वतीपतये नमः।
2. ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
3. ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
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