Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Aaj ka Panchang 30 August 2025: आज किया जा रहा है संतान सप्तमी का व्रत, पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 08:22 AM (IST)

    संतान सप्तमी को ललिता सप्तमी और मुक्ताभरण सप्तमी आदि नामों से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत को करने से संतान को दीर्घायु सफलता और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में चलिए एस्ट्रोपत्री डॉटकॉम के पंडित आनंद सागर पाठक जी से जानते हैं आज का (Panchang 30 August 2025) पंचांग।

    Hero Image
    Aaj ka Panchang 30 August 2025: पढ़ें आज का पंचांग।

    आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज यानी शनिवार 30 अगस्त के दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस तिथि पर संतान सप्तमी का व्रत किया जाता है, जो राधा अष्टमी के एक दिन पड़ता है। ऐसे में चलिए पंचांग (Aaj ka Panchang 30 August 2025) से जानते हैं आज का शुभ समय और राहुकाल का समय।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 30 August 2025)

    भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि समाप्त - रात 10 बजकर 46 मिनट पर

    इन्द्र योग - दोपहर 3 बजकर 10 मिनट तक

    करण -

    गरज - सुबह 9 बजकर 34 मिनट तक

    वणिज - रात 10 बजकर 46 मिनट तक

    वार - शनिवार

    सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

    सूर्योदय - सुबह 5 बजकर 58 मिनट से

    सूर्यास्त- शाम 6 बजकर 45 मिनट पर

    चंद्रोदय - दोपहर 12 बजकर 14 मिटन से

    चंद्रास्त - रात 10 बजकर 38 मिनट पर

    सूर्य राशि - सिंह

    चंद्र राशि - तुला

    शुभ समय

    अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक

    अमृत काल - प्रातः 5 बजकर 49 मिनट से सुबह 7 बजकर 37 मिनट तक

    अशुभ समय

    राहुकाल - सुबह 9 बजकर 10 मिनट से दोपहर 10 बजकर 46 मिनट तक

    गुलिक काल - सुबह 5 बजकर 58 मिनट से सुबह 7 बजकर 34 मिनट तक

    यमगण्ड - दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से दोपहर 3 बजकर 33 मिनट तक

    आज का नक्षत्र

    आज चंद्र देव विशाखा नक्षत्र में रहेंगे…

    विशाखा नक्षत्र - दोपहर 2 बजकर 37 मिनट पर

    सामान्य विशेषताएं - ईर्ष्यालु, क्रोधी, ईश्वर-भक्त, ईमानदार, महत्वाकांक्षी, योद्धा स्वभाव, धैर्यवान, हास्यप्रिय और मिलनसार

    नक्षत्र स्वामी - बृहस्पति

    राशि स्वामी - शुक्र, मंगल

    देवता - इंद्राग्नि - यज्ञ के देवता

    प्रतीक - विजय का मेहराब या कुम्हार का चाक

    यह भी पढ़ें -  Radha Ashtami 2025: अपनी बेटी को दें राधा रानी जी के ये नाम, बहुत ही खास है इनका अर्थ

    यह भी पढ़ें - Ganesh Chaturthi 2025: लालबागचा राजा के दरबार में जाते समय न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

    यह दैनिक पंचांग Astropatri.com के सौजन्य से प्रस्तुत है। सुझाव व प्रतिक्रियाओं के लिए hello@astropatri.com पर ईमेल करें।