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    आज का पंचांग 30 मई 2026: ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा व्रत पर विशाखा नक्षत्र- शिव योग का संयोग, पढ़ें शुभ मुहूर्त

    Updated: Sat, 30 May 2026 08:18 AM (IST)

    आज 30 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसके बाद पूर्णिमा शुरू होगी और ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा। इस दिन ...और पढ़ें

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    Aaj ka Panchang 30 May 2026: ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा व्रत (AI Generated Image) 

    आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज ज्येष्ठ अधिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि दोपहर 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी। ऐसे में आज ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा और 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का दान और स्नान किया जाएगा।

    आज सूर्य देव वृषभ राशि में विराजमान हैं और चन्द्र देव तुला राशि में प्रातः 06 बजकर 39 मिनट तक रहेगें। इसके बाद फिर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 30 May 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

    तिथि: शुक्ल चतुर्दशी
    मास: ज्येष्ठ (अधिक)
    दिन: शनिवार
    संवत्: 2083

    तिथि: शुक्ल चतुर्दशी – दोपहर 11 बजकर 57 मिनट तक, फिर पूर्णिमा
    योग: शिव – पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक)
    करण: वणिज – दोपहर 11 बजकर 57 मिनट तक
    करण: विष्टि (भद्रा) – मध्यरात्रि 01 बजकर 05 मिनट (31 मई) तक, फिर बव

    सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

    सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 24 मिनट
    सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 13 मिनट
    चंद्रोदय का समय: सायं 06 बजकर 40 मिनट
    चंद्रास्त का समय: प्रातः 04 बजकर 50 मिनट (31 मई)

    सूर्य और चंद्रमा की राशियां

    सूर्य देव: वृषभ राशि में स्थित हैं
    चन्द्र देव: तुला राशि में (प्रातः 06 बजकर 39 मिनट तक), फिर वृश्चिक राशि में प्रवेश

    आज के शुभ मुहूर्त

    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक
    अमृत काल: अगले दिन प्रातः 04 बजकर 33 मिनट (31 मई) से प्रातः 06 बजकर 21 मिनट (31 मई) तक

    आज के अशुभ समय

    राहुकाल: प्रातः 08 बजकर 51 मिनट से प्रातः 10 बजकर 35 मिनट तक
    गुलिकाल: प्रातः 05 बजकर 24 मिनट से प्रातः 07 बजकर 08 मिनट तक
    यमगण्ड: दोपहर 02 बजकर 02 मिनट से सायं 03 बजकर 46 मिनट तक

    खबरें और भी

    आज का नक्षत्र

    विशाखा नक्षत्र: दोपहर 01 बजकर 20 मिनट तक, फिर अनुराधा
    स्थान: 20°00’ तुला राशि से 3°20’ वृश्चिक राशि तक
    नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव
    राशि स्वामी: शुक्रदेव और मंगलदेव
    देवता: इंद्राग्नि (इंद्र और अग्नि का संयुक्त रूप)
    प्रतीक: विजय द्वार या कुम्हार का चाक
    सामान्य विशेषताएं: अत्यंत महत्वाकांक्षी, धैर्यवान, साहसी, सामाजिक, बुद्धिमान, धार्मिक, आध्यात्मिक, ईमानदार, न्यायप्रिय, मजबूत इच्छाशक्ति, समाज में सम्मानित, कभी-कभी क्रोधी, ईर्ष्यालु और थोड़े कंजूस।

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    यह दैनिक पंचांग Astropatri.com, की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।