ज्योतिषीय उपाय: जीवन को आसान बनाने की दिशा
ज्योतिष में जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए ग्रह-नक्षत्रों की ओर देखना स्वाभाविक है। वैदिक ज्योतिष में दान पूजा मंत्र व्रत यज्ञ रुद्राक्ष धारण करना और रत्न पहनना जैसे कई उपाय बताए गए हैं। ये उपाय तुरंत फल नहीं देते इसलिए इन्हें लगातार करना चाहिए। कर्मों का सही दिशा में होना भी जरूरी है।

एस्ट्रोपत्री। हममें से अधिकांश लोग जीवन यात्रा के किसी न किसी मोड़ पर ऐसी समस्याओं से घिर जाते हैं जो बहुत बड़ी या असहनीय लगती हैं। ऐसे समय में मनुष्य स्वाभाविक रूप से समाधान के लिए ग्रह-नक्षत्रों की ओर देखने लगता है। वैदिक ज्योतिष में पीढ़ियों से अर्जित अनुभव और ज्ञान के आधार पर अनेक उपायों की परंपरा विकसित हुई है, जो किसी विशेष स्थिति में फंसे या परेशान व्यक्ति के लिए मार्गदर्शन और सहारा बन सकते हैं।
उपाय असर करते हैं। भले ही वे 100% समाधान न दें, फिर भी वे किसी भी समस्या को काफी हद तक हल्का और सहने योग्य बना सकते हैं।
उपायों के प्रकार
- हमारे कई प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में निम्नलिखित प्रकार के उपाय बताए गए हैं।
- दान, चैरिटी या सामाजिक कार्य
- पूजा / जप / मंत्र
- व्रत
- यज्ञ
- रुद्राक्ष / यंत्र / माला धारण करना
- रत्न और उपरत्न पहनना
उपाय करते समय क्या जानना जरूरी है?
- उपाय तुरंत फल नहीं दे सकते। कभी-कभी आपको परिणाम देखने के लिए लगातार करते रहना पड़ता है।
- यह जरूरी है कि हमारे कर्म भी उसी दिशा में हों। उदाहरण के लिए, अनाथालयों के लिए दान करते समय अपने नौकरों/सहायकों को मारना काम नहीं करेगा। हर जगह दया होनी चाहिए!
- पूजा और जप जैसे उपाय आदर्श रूप से स्वयं करने चाहिएं। हालांकि अगर संभव न हो तो ऐसे लोगों द्वारा कराएं जो ज्ञानी हों, आध्यात्मिक हों और पूजा करते समय कुछ अनुशासन का पालन कर सकें।
- कुछ उपायों के लिए उचित समय, मुहूर्त और विधि की आवश्यकता हो सकती है, अन्यथा वे अपना प्रभाव और शक्ति खो सकते हैं।
- व्यक्तिगत रूप से (फोन/मुलाकात/चैट/ईमेल) जानकार लोगों से सलाह लें और केवल इंटरनेट सामग्री के आधार पर न जाएं। इंटरनेट की सामग्री एक अच्छा मार्गदर्शक हो सकती है, लेकिन पेशेवर सलाह हमेशा सामान्य सामग्री से बेहतर होती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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